मोतिहारी (रक्सौल) | रक्सौल हवाई अड्डा मैदान में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ में रविवार (8 फरवरी 2026) को बड़ा हादसा होते-होते टला। जैसे ही कथावाचक आचार्य अनिरुद्धाचार्य जी महाराज मंच पर पहुंचे, लाखों की भीड़ बेकाबू हो गई। दबाव इतना बढ़ा कि सुरक्षा रेलिंग ताश के पत्तों की तरह बिखर गई।
1. रेलिंग टूटते ही मची चीख-पुकार, 2 महिलाएं बेहोश
भीड़ का दबाव सुरक्षा घेरा नहीं झेल सका।
- हादसा: मुख्य द्वार पर अत्यधिक दबाव के कारण लोहे की रेलिंग टूट गई। इसके बाद भीड़ अनियंत्रित होकर पंडाल में घुसने लगी।
- घायल: धक्का-मुक्की में कई श्रद्धालु गिरकर चोटिल हो गए, जबकि दम घुटने से दो महिलाएं बेहोश हो गईं। आनन-फानन में उन्हें भीड़ से बाहर निकाला गया।
2. बच्चों का हाथ छूटा, रोते-बिलखते रहे परिजन
हंगामे के दौरान सबसे बुरा हाल उन माता-पिता का हुआ जिनके बच्चे भीड़ में खो गए।
- लापरवाही: मौके पर कोई ‘लॉस्ट एंड फाउंड’ (खोया-पाया) डेस्क नहीं था। लाउडस्पीकर से भी सही सूचना नहीं मिल रही थी। लोग घंटों अपने बच्चों को तलाशते रहे।
- आरोप: गुस्साए श्रद्धालुओं ने कहा कि आयोजन समिति का पूरा ध्यान सिर्फ VIP और मोटे चंदा देने वालों पर था, आम जनता को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया।
3. पुलिस की एंट्री: SDPO बोले- लाठीचार्ज नहीं हुआ, बस सख्ती की
स्थिति को संभालते हुए पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा।
- सफाई: अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) मनीष आनंद ने लाठीचार्ज की खबरों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए भीड़ को सिर्फ पीछे धकेला गया था।
समिति को अल्टीमेटम: रातों-रात व्यवस्था सुधारें
पुलिस ने आयोजन समिति की अध्यक्ष शिखा दास और अन्य सदस्यों को कड़ी फटकार लगाई है।
- चेतावनी: प्रशासन ने साफ कहा है कि अगर रातों-रात बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो कथा पर रोक लगा दी जाएगी और कानूनी कार्रवाई होगी। फिलहाल मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।


