
भागलपुर/सनोखर | 02 मार्च, 2026: भागलपुर जिले के सनोखर थाना परिसर में शनिवार को ‘जनसंवाद’ के बहाने पुलिस और पब्लिक के बीच की दूरियां मिटती नजर आईं। सीनियर एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने खुद कमान संभालते हुए आम लोगों की नब्ज टटोली। कार्यक्रम का माहौल तब और गंभीर हो गया जब एसएसपी ने ‘बच्चा चोरी’ जैसी अफवाहों पर ‘भीड़तंत्र’ (Mob Lynching) को कड़ी चेतावनी दी।
अफवाह बनाम हकीकत: रमजान और बच्चा चोरी का डर
अरार पंचायत के उपमुखिया मोहम्मद अब्दुल्ला ने एक संवेदनशील मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि बच्चा चोरी की अफवाहों के कारण रमजान के पाक महीने में ‘फिरका’ (खैरात) मांगने आने वाले गरीब लोग गांव आने से डर रहे हैं।
इस पर एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने दो-टूक कहा:
”बच्चा चोरी जैसी अफवाहों पर कान न दें। किसी भी फेरीवाले या अनजान व्यक्ति के साथ मारपीट करना संगीन और दंडनीय अपराध है। यदि कोई संदिग्ध लगे, तो कानून हाथ में लेने के बजाय तुरंत 112 या नजदीकी थाने को सूचना दें। अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
जनता की शिकायतें: बिजली विभाग और गश्ती की मांग
कार्यक्रम में सनोखर क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर संतोष जताया गया, लेकिन कुछ व्यक्तिगत और सामूहिक समस्याएं भी सामने आईं:
- बिजली विभाग की मनमानी: अफजलपुर निवासी बम-बम मंडल ने बिजली विभाग द्वारा अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने की शिकायत की, जिस पर एसएसपी ने तुरंत जांच के आदेश दिए।
- सुरक्षा कवच: ग्रामीणों ने शाम और रात के समय पुलिस गश्ती (Patrolling) बढ़ाने की मांग रखी, ताकि शांति व्यवस्था और पुख्ता हो सके।
थानाध्यक्ष पंकज किशोर की ‘गुडलुक’ रिपोर्ट
आमतौर पर जनसंवाद में पुलिस की शिकायतें होती हैं, लेकिन सनोखर में तस्वीर उलट दिखी। धुआवै पंचायत के मुखिया आशिष कुमार मोनू और सनोखर के मुखिया प्रतिनिधि जयंत सिंह ने थानाध्यक्ष की जमकर तारीफ की।
- नशे पर नकेल: जनप्रतिनिधियों ने माना कि सनोखर बाजार में ‘सूखा नशा’ करने वाले गिरोहों पर पुलिस ने प्रभावी नियंत्रण पाया है।
- शांति व्यवस्था: ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि पंकज किशोर के आने के बाद क्षेत्र में अपराध ग्राफ गिरा है।
VOB का नजरिया: संवाद ही समाधान है
भागलपुर पुलिस की यह ‘शनिवारीय क्लास’ (जनसंवाद) एक बेहतरीन पहल है। जब जिले का सबसे बड़ा पुलिस अधिकारी खुद सनोखर जैसे दूरस्थ इलाकों में बैठकर उपमुखिया या एक आम किसान की बात सुनता है, तो वर्दी के प्रति खौफ कम और भरोसा ज्यादा बढ़ता है। बच्चा चोरी की अफवाहों पर एसएसपी का सख्त रुख सराहनीय है, क्योंकि ऐसी अफवाहें अक्सर निर्दोषों की जान ले लेती हैं।


