पटना, 22 जून 2025 – बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिहार दौरे को लेकर तीखा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री की एक रैली पर सरकारी खर्च से 100 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
तेजस्वी ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “सरकारी खर्चे से यानी जनता की पॉकेट से प्रधानमंत्री की एक रैली का खर्चा 100 करोड़ रूपए है।” उन्होंने आगे लिखा कि पिछले पांच चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में 200 से अधिक रैलियां और जनसभाएं कर चुके हैं, जिन पर कुल मिलाकर लगभग 20 हजार करोड़ रुपए का खर्च हुआ है।
“सरकारी कार्यक्रम का बहाना, चुनाव प्रचार का उद्देश्य”
तेजस्वी यादव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि इन कार्यक्रमों का आयोजन तो सरकारी नाम पर किया जाता है, लेकिन असल उद्देश्य चुनावी प्रचार होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इन सरकारी कार्यक्रमों में केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों या विफलताओं पर चर्चा करने के बजाय केवल विपक्ष की आलोचना करने आते हैं।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “चालाकी से अपने प्रचार-प्रसार और चेहरा चमकाने के लिए जनता की जेब से हजारों करोड़ रुपए निकलवाने वालों को आप क्या कहेंगे?”
“बिहार को कुछ दे नहीं सकते तो लेते भी क्यों हो?”
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री पर सीधा हमला करते हुए कहा, “बिहार जैसे गरीब राज्य को कुछ दे नहीं सकते तो लेते भी क्यों हो?” उन्होंने आरोप लगाया कि रैलियों के माध्यम से बिहार की जनता से 20 हजार करोड़ रुपए लूटे और लुटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति जनता की जेब से पैसा निकलवाए, उसे ‘पॉकेटमार’ कहा जाता है, मददगार नहीं।
सियासी तकरार तेज, जवाब का इंतजार
तेजस्वी यादव के इन बयानों के बाद राज्य और केंद्र की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है। हालांकि, अभी तक भारतीय जनता पार्टी या प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव करीब आते जा रहे हैं, बिहार की राजनीति में ऐसे तीखे हमलों और जवाबी हमलों की संख्या बढ़ सकती है।


