
नई दिल्ली, 4 अगस्त — महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के विशेष पंजीकरण अभियान की अवधि 15 अगस्त, 2025 तक बढ़ा दी है। इस अभियान का उद्देश्य घर-घर जाकर पात्र गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को योजना के तहत समय पर पंजीकरण कराना और उन्हें मातृत्व लाभ से जोड़ना है।
क्या है प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना?
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मिशन शक्ति की उप-योजना ‘सामर्थ्य’ के अंतर्गत केंद्र प्रायोजित योजना है। इसका उद्देश्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं (PW&LM) को वित्तीय सहायता प्रदान कर पौष्टिक आहार, स्वास्थ्य व्यवहार और मातृत्व देखभाल को बढ़ावा देना है।
इस योजना के अंतर्गत—
- पहली संतान पर दो किस्तों में ₹5,000 की नकद सहायता
- दूसरी बालिका के जन्म पर एक किस्त में ₹6,000 की प्रोत्साहन राशि
अब तक 4.05 करोड़ महिलाओं को ₹19,028 करोड़ की मदद
31 जुलाई 2025 तक, 4.05 करोड़ से अधिक महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत कम-से-कम एक किस्त का भुगतान किया जा चुका है। यह भुगतान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के ज़रिए बैंक या डाकघर खातों में किया गया।
तकनीक के ज़रिए पारदर्शिता और दक्षता
मार्च 2023 में लॉन्च किए गए नए पीएमएमवीवाई सॉफ्टवेयर के माध्यम से—
- आधार प्रमाणीकरण यूआईडीएआई के ज़रिए डिजिटल रूप से
- भुगतान सत्यापन भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा
- लाभार्थियों को डीबीटी-सक्षम आधार-सीडेड खातों में राशि का स्थानांतरण
योजना की मुख्य विशेषताएं
- 14408 टोल-फ्री हेल्पलाइन, बहुभाषी सपोर्ट
- आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन
- एकीकृत शिकायत निवारण मॉड्यूल
- संभावित लाभार्थियों की सूची का समावेश
पंजीकरण कैसे करें?
योजना का लाभ उठाने के लिए महिलाएं अपने क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें। ये कार्यकर्ता घर-घर जाकर जागरूकता और पंजीकरण का कार्य कर रही हैं। 15 अगस्त तक चलने वाले इस विशेष अभियान का लाभ लेकर कोई भी पात्र महिला योजना से वंचित न रह जाए, यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।


