विश्व बाल दिवस 2025 के अवसर पर भागलपुर में महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जागरूकता और प्रोत्साहन से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंगलवार को मॉडल सदर अस्पताल भागलपुर में 0–3 माह की नवजात कन्याओं को बेबी किट प्रदान की गई। कार्यक्रम में माताओं को बच्चों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।
नवजात कन्याओं को बेबी किट वितरण
महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सभी नवजात कन्याओं को आवश्यक वस्तुओं से युक्त बेबी किट दी गई। इस पहल का उद्देश्य जन्म के प्रारंभिक महीनों में माताओं को सहयोग प्रदान करना और बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना है।
माताओं को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) सह नोडल पदाधिकारी (मिशन शक्ति) श्रीमती अनुपमा कुमारी और सिविल सर्जन डॉ. अशोक प्रसाद ने उपस्थित माताओं को संबोधित किया।
उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और उज्ज्वल भविष्य के निर्माण को लेकर विस्तृत जानकारी प्रदान की।
दोनों अधिकारियों ने विश्व बाल दिवस के महत्व पर चर्चा करते हुए बेटियों को समान अवसर देने की अपील की।
फलों की टोकरी और पौधारोपण से दिया गया संदेश
सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों की ओर से उनके-उनके प्रोजेक्ट क्षेत्रों में माताओं को फलों की टोकरी वितरित की गई। मॉडल सदर अस्पताल में भी माताओं को विभिन्न प्रकार के फलों की टोकरी भेंट की गई।
इसके अलावा, सम्मानित कन्याओं के नाम पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और सकारात्मक सामाजिक संदेश को बढ़ावा दिया गया।
अधिकारियों की उपस्थिति से बढ़ा कार्यक्रम का महत्व
कार्यक्रम में जिला परियोजना प्रबंधक, महिला एवं बाल विकास निगम, जिला मिशन समन्वयक (DHEW), केंद्र प्रशासक (OSC), अस्पताल प्रबंधक, जिला मिशन समन्वयक तबरेज खान, जिला परियोजना प्रबंधक मणिशंकर मोना कुमारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
समाज को बेटियों के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाने का प्रयास
विश्व बाल दिवस के अवसर पर हुए इस आयोजन ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के तहत ऐसी गतिविधियाँ समाज में सकारात्मक संदेश फैलाती हैं और बालिकाओं के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देती हैं।


