पटना/सीवान। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को समृद्धि यात्रा के दौरान सीवान जिले के राजेंद्र स्टेडियम में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में कहा कि बिहार में डेयरी और मखाना से श्वेत क्रांति आएगी और इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के सभी गांवों में दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन होगा और हर पंचायत में ‘सुधा’ दूध बिक्री केंद्र खोला जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीणों की आमदनी बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
2005 से पहले का दौर याद दिलाया
नीतीश कुमार ने कहा कि 2005 से पहले बिहार की स्थिति खराब थी—कानून-व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़कें बदहाल थीं। आज राज्य में शांति, विकास और भाईचारे का माहौल है।
7 निश्चय से बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने बताया कि सात निश्चय योजना के तहत हर घर बिजली, नल-जल, शौचालय और पक्की सड़कें दी गईं। सात निश्चय-2 के तहत युवाओं को 10 लाख सरकारी नौकरी और 40 लाख रोजगार दिए गए हैं। अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ नौकरी-रोजगार का लक्ष्य रखा गया है।
7 निश्चय-3 का ऐलान
उन्होंने सात निश्चय-3 के तहत सात बड़े लक्ष्य बताए—
दोगुना रोजगार-दोगुनी आय,
समृद्ध उद्योग,
कृषि में प्रगति,
उन्नत शिक्षा,
सुलभ स्वास्थ्य,
मजबूत आधारभूत संरचना,
और Ease of Living।
सीवान को मिली विकास योजनाएं
सीवान में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, महिला आईटीआई, आईटीआई, पुल-पथ, बाईपास, ग्रिड सब स्टेशन और प्रेक्षागृह निर्माण की जानकारी दी गई। 6 नई योजनाओं पर काम शुरू हो चुका है।
महिलाओं और किसानों को लाभ
सीवान जिले की 4.13 लाख महिलाओं को 10 हजार रुपये दिए जा चुके हैं। 1,528 गांवों में दुग्ध समितियां बनेंगी और 293 पंचायतों में सुधा केंद्र खुलेंगे।
मंच पर कई दिग्गज नेता
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार चौधरी, मंगल पांडे, डॉ. प्रमोद कुमार, सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


