पटना | लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शनिवार (7 फरवरी 2026) को बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस पर पटना पहुंचे। यहां उन्होंने “सशक्त विधायक, सशक्त लोकतंत्र” कार्यक्रम का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने विधायकों की क्लास भी लगाई और भविष्य की राह भी दिखाई। साथ ही, बिहार विधानसभा अब हाईटेक हो गई है; स्पीकर ने यहां नेवा (NeVA) डिजिटल हाउस का उद्घाटन किया।
1. स्पीकर की चिंता: “सदन की मर्यादा गिर रही है”
ओम बिरला ने विधायी संस्थाओं में गिरते स्तर पर गहरी चिंता जताई।
- हंगामा नहीं, संवाद करें: उन्होंने कहा कि सदन में व्यवधान डालना और अमर्यादित आचरण करना लोकतंत्र की छवि को खराब करता है।
- नसीहत: विधायकों को चाहिए कि वे वेल (Well) में आने और नारेबाजी करने से बचें। विरोध का तरीका तर्कसंगत होना चाहिए, न कि शोर-शराबे वाला। आलोचना नीतियों की होनी चाहिए, व्यक्तिगत नहीं।
2. विधायक की असली ताकत क्या है?
बिरला ने साफ किया कि एक विधायक की ताकत उसकी आवाज की ‘वॉल्यूम’ में नहीं, बल्कि उसके ज्ञान में है।
- संवैधानिक ज्ञान: जो विधायक नियमों और संविधान को जानता है, वही सरकार से सही सवाल पूछ सकता है और पारदर्शिता ला सकता है।
- विश्वास: जनता का भरोसा ही विधायक की सबसे बड़ी पूंजी है। यह भरोसा तभी कायम रहेगा जब विधायक नैतिक आचरण रखेंगे।
3. बिहार विधानसभा हुई पेपरलेस (NeVA लॉन्च)
ओम बिरला ने बटन दबाकर बिहार विधानसभा में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) का उद्घाटन किया।
- अब क्या बदलेगा: अब विधानसभा का कामकाज कागज पर नहीं, बल्कि डिजिटल होगा।
- फायदा: विधायकों को पुराने रिकॉर्ड, शोध और डेटा एक क्लिक पर मिलेंगे। इससे पारदर्शिता आएगी और कागज की बचत होगी। पीएम मोदी के ‘एक राष्ट्र, एक विधायी मंच’ के सपने की तरफ यह बड़ा कदम है।
4. “बिहार लोकतंत्र की जननी, इसे याद रखें”
स्पीकर ने बिहार की तारीफ करते हुए कहा कि यहां की मिट्टी में लोकतंत्र है।
- उन्होंने कहा कि प्राचीन बिहार की शासन व्यवस्था ने ही आज की संसदीय प्रणाली को आधार दिया है।
- इसलिए बिहार के विधायकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे इस विरासत को संभाल कर रखें।
मंच पर ये दिग्गज रहे मौजूद
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा, संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार मौजूद रहे।


