बैजानी में ‘समृद्धि’ की आहट: डीएम ने परखा विकास का दम; सीएम की यात्रा से पहले बैजानी का बदलेगा चेहरा

भागलपुर | 25 फरवरी, 2026: मुख्यमंत्री की प्रस्तावित ‘समृद्धि यात्रा’ को लेकर भागलपुर का प्रशासनिक महकमा पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। बुधवार को भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने जगदीशपुर प्रखंड के बैजानी पंचायत का तूफानी दौरा किया। बाईपास थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस गांव में चल रही विकास योजनाओं की हकीकत जानने के लिए डीएम खुद जमीन पर उतरे और एक-एक ईंट की गुणवत्ता की जांच की।

तालाब की सीढ़ियों से लेकर स्कूल तक: डीएम की पैनी नजर

​निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सबसे पहले तालाब के किनारे बन रही सीढ़ियों (Ghats) के पास पहुँचे। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने उच्च विद्यालय परिसर का जायजा लिया और वहां संचालित योजनाओं की प्रगति देखी।

​डीएम ने साफ लहजे में कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने मौके पर मौजूद पदाधिकारियों को चेतावनी दी कि निर्माण में मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँच सके।

पंचायत सरकार भवन में ‘सीक्रेट’ मीटिंग और रणनीति

​योजनाओं के स्थलीय निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी नवनिर्मित पंचायत सरकार भवन पहुँचे। यहाँ उन्होंने विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों के साथ एक गोपनीय बैठक की। सूत्रों की मानें तो इस बैठक का मुख्य एजेंडा मुख्यमंत्री की आगामी ‘समृद्धि यात्रा’ था।

​बैठक में बैजानी पंचायत को ‘मॉडल’ के रूप में पेश करने और आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जो भी काम लंबित हैं, उन्हें युद्ध स्तर पर पूरा किया जाए।

गांव में अफसरों का जमावड़ा, ग्रामीणों में उत्साह

​सीएम की संभावित यात्रा की खबर के बाद से बैजानी पंचायत में इन दिनों अधिकारियों की गाड़ियों का काफिला और हलचल बढ़ गई है। गांव की सूरत बदलने के लिए आधारभूत संरचनाओं (Infrastructure) को सुदृढ़ किया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों में भी इस प्रशासनिक सक्रियता को लेकर काफी उत्साह है। लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के आगमन के बहाने ही सही, उनके गांव की किस्मत अब पूरी तरह बदल जाएगी।

द वॉयस ऑफ बिहार का नजरिया: अक्सर देखा जाता है कि वीआईपी दौरों से पहले प्रशासन की नींद खुलती है और रातों-रात विकास की गंगा बहाने की कोशिश होती है। बैजानी में भी फिलहाल वही ‘स्प्रिंट’ दिख रही है। अब चुनौती यह है कि यह विकास केवल ‘यात्रा’ तक सीमित रहता है या लंबे समय तक ग्रामीणों के काम आता है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

  • Related Posts

    बाढ़ के सरकारी स्कूल में ‘गुरुजी’ ने महिला पर सरेआम बरसाए डंडे; वायरल वीडियो ने शिक्षा के मंदिर को किया शर्मसार

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    भागलपुर में कोहराम: खेलते-खेलते काल बन गई आंगन की दीवार, मलबे में दबकर दो मासूमों की दर्दनाक मौत; चीखों से दहला खरीक

    Share Add as a preferred…

    Continue reading