📍 गया | कोतवाली थाना क्षेत्र: गया शहर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक बेटे ने पुश्तैनी संपत्ति हड़पने की नीयत से अपनी ही जिंदा मां को मृत घोषित करा दिया। आरोप है कि बेटे ने नगर निगम से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र तैयार कराकर पुश्तैनी घर को अपने नाम कराने की पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली। अब पीड़िता अपनी जमीन और सम्मान वापस पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही है।
मामला कहां का है
यह मामला गुरुद्वारा रोड, गोसाई बाग, कोतवाली थाना क्षेत्र, गया से जुड़ा है।
आरोपित बेटे का नाम है — दिलीप कुमार
पीड़िता — मीना देवी (जिंदा, पूर्ण रूप से स्वस्थ)
संपत्ति — होर्ल्डिंग नंबर नया 246, पुराना 239, वार्ड नंबर 17 स्थित पुश्तैनी मकान
जिंदा मां को मृत दिखाकर करवाई दाखिल-खारिज
पीड़िता और उसके छोटे बेटे धर्मेंद्र कुमार उर्फ प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि
दिलीप कुमार ने सुनियोजित तरीके से
- नगर निगम से नकली मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया
- पारिवारिक सदस्यता प्रमाण पत्र भी फर्जी तौर पर प्राप्त किया
- और इन दस्तावेजों के आधार पर राजस्व कार्यालय में दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कर घर अपने नाम दर्ज करवा लिया
पीड़िता मीना देवी का बयान
मीना देवी ने कहा —
“मैं पूरी तरह स्वस्थ और जीवित हूँ, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में मुझे मृत बताया गया है। यह कानून के साथ सीधी धोखाधड़ी है और मेरी पहचान, कानूनी अधिकार और संपत्ति सब छीनने की साजिश है।”
उन्होंने बताया कि दस्तावेज फर्जी होने के बाद
- बैंकिंग
- सरकारी कागजात
- और पहचान से संबंधित कार्यों में भी उन्हें भारी परेशानी हो रही है।
छोटे बेटे धर्मेंद्र का आरोप — “पहले से पूरी साजिश रची गई थी”
धर्मेंद्र ने कहा कि बड़े भाई और भाभी की नीयत शुरू से ही खराब थी।
उनका कहना है —
“मेरे भाई और उसकी पत्नी ने प्रशासनिक अधिकारियों को गुमराह कर कागजात तैयार कराए। इसकी जांच होनी चाहिए कि किसकी मिलीभगत से एक जिंदा महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखा दिया गया।”
धमकियों और झूठे केस का भी आरोप
पीड़िता मीना देवी और उनके छोटे बेटे का कहना है कि
जब उन्होंने अधिकारियों से शिकायत करना शुरू किया तो उनके परिवार को धमकियां मिलने लगीं।
मीना देवी का आरोप —
“जब मैंने विरोध किया तो दिलीप कुमार की पत्नी ने मेरे छोटे बेटे पर झूठा दुष्कर्म का केस दर्ज करा दिया ताकि हम लोग मुकदमों में उलझे रहें और वे आसानी से जमीन पर कब्जा बनाए रखें।”
डीएम और SSP से लिखित शिकायत
मीना देवी और धर्मेंद्र ने
- जिलाधिकारी शशांक शुभंकर
- वरीय पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार
सहित कई अधिकारियों को लिखित शिकायत दी है।
उनकी मांगें —
- फर्जी दस्तावेज रद्द किए जाएं
- पुश्तैनी संपत्ति वापस दिलाई जाए
- आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए
- मामले में शामिल अधिकारियों और बिचौलियों की जांच की जाए


