
पटना: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ ‘बंटी’ ने नामांकन वापस ले लिया। शुरुआत में इसे पारिवारिक कारण बताया गया, लेकिन बाद में उनके पिता रविंदर प्रसाद ने मीडिया के सामने इसकी वजह का खुलासा किया।
पिता ने कहा- चारा घोटाले में सजा सही, बेटे का कोई दोष नहीं
रविंदर प्रसाद ने स्वीकार किया कि वह चारा घोटाला मामले में दोषसिद्ध हैं और फिलहाल हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर हैं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे का इस मामले से कोई संबंध नहीं है और उसने केवल परिवार की प्रतिष्ठा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए चुनावी मैदान से हटने का फैसला लिया।
उन्होंने कहा कि मामला हाईकोर्ट में लंबित है और बेटे ने परिवार पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव न आए, इसलिए उम्मीदवारी वापस ले ली।
नामांकन के दो दिन बाद लिया बड़ा फैसला
भाजपा ने 7 जुलाई को अभिषेक सिन्हा को बांकीपुर उपचुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया था। उन्होंने 9 जुलाई को नामांकन दाखिल किया, लेकिन महज दो दिन बाद नाम वापस लेने का फैसला कर लिया। अभिषेक लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे हैं और क्षेत्र में पार्टी का प्रमुख चेहरा माने जाते थे।
प्रशांत किशोर का भाजपा पर हमला
जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस घटनाक्रम पर भाजपा को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बांकीपुर में जनता अब जाति और दल से ऊपर उठकर राजनीति कर रही है। उनके अनुसार, जिस सीट को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता था, वहां अब पार्टी को नया उम्मीदवार तलाशना पड़ रहा है।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि यह बदलाव जनता के राजनीतिक सोच में आए परिवर्तन का संकेत है और बांकीपुर उपचुनाव में इसका असर देखने को मिलेगा।


