धर्म–ज्योतिष डेस्क
आज सोमवार, 17 नवंबर 2025 को मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज का दिन शिवभक्तों के लिए अत्यंत विशेष है क्योंकि आज सोम प्रदोष व्रत है, जिसे भगवान भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज के दिन कई महत्वपूर्ण योग, नक्षत्र और ग्रह स्थितियां बन रही हैं जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों को प्रभावित करेंगी।
यहां पढ़ें आज का विस्तृत पंचांग—
आज की तिथि, वार और विशेष योग
- तिथि: त्रयोदशी (पूरा दिन–रात), तदोपरांत अगले दिन सुबह 18 नवंबर को समाप्त
- वार: सोमवार
- मास: मार्गशीर्ष (कृष्ण पक्ष)
- विक्रम संवत: 2082
- राष्ट्रीय शक संवत: 1947
- हिजरी कैलेंडर: जमादि-उल-अव्वल, तारीख 25
- पर्व/उपवास: सोम प्रदोष व्रत
सूर्योदय–सूर्यास्त (जालंधर समय)
- सूर्योदय: सुबह 7:01 बजे
- सूर्यास्त: शाम 5:24 बजे
नक्षत्र
- चित्रा नक्षत्र: आज पूरे दिन–रात प्रभावी
- नक्षत्र परिवर्तन: 18 नवंबर, प्रातः 5:02 बजे के बाद स्वाति नक्षत्र लगेगा
योग
- प्रीति योग: सुबह 7:23 बजे तक
- आयुष्मान योग: प्रीति योग समाप्त होते ही प्रारंभ, दिनभर प्रभावी
चंद्रमा की स्थिति
- कन्या राशि: दोपहर 3:35 बजे तक
- तुला राशि में प्रवेश: 3:35 बजे के बाद
दिशा शूल
- आज का दिशा शूल: पूर्व एवं ईशान दिशा
→ इन दिशाओं की यात्रा से बचें, आवश्यक होने पर दही या गंगाजल का सेवन कर प्रस्थान करें।
राहुकाल
सुबह 7:30 से 9:00 बजे तक
→ इस समय किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत न करें।ग्रहों की चाल (आज की ग्रह स्थिति)
ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। आज ग्रह इस प्रकार स्थित हैं:
सूर्य: वृश्चिक राशि में
- चंद्रमा: कन्या में (3:35 बजे तक), फिर तुला में
- मंगल: वृश्चिक में
- बुध: वृश्चिक में
- गुरु (बृहस्पति): कर्क में
- शुक्र: तुला में
- शनि: मीन में
- राहु: कुंभ राशि में
- केतु: सिंह राशि मे
- आज का महत्त्व — सोम प्रदोष व्रत
सोमवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत विशेष रूप से शिवभक्तों के लिए शुभ फलदायी माना जाता है।
- प्रदोष काल में शिवजी की पूजा करने से धन, सुख और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।
- गृहक्लेश कम होता है और बाधाएँ दूर होती हैं।
- आज शिव अभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र के जाप का विशेष महत्व है।


