“तो क्या दारोगा स्वीटी कुमारी की वजह से गई अनुज की जान?” — गया सुसाइड केस में सनसनीखेज खुलासा, कोर्ट से जेल

गयाजी — गया जिले में तैनात महिला दारोगा स्वीटी कुमारी पर अपने ही बैचमेट दारोगा अनुज कश्यप को आत्महत्या के लिए उकसाने और शादी के लिए दबाव बनाने के आरोप में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है।शनिवार को कोर्ट में पेशी के बाद स्वीटी कुमारी को सीधे सेंट्रल जेल भेज दिया गया।

बेलागंज में तैनात, पहले भी थी अनुज के साथ पोस्टेड

स्वीटी कुमारी 2019 बैच की अधिकारी हैं और फिलहाल गया जिले के बेलागंज थाना में तैनात हैं।इससे पहले उनकी पोस्टिंग इमामगंज थाना में थी, जहां उनकी पहली मुलाकात अनुज कश्यप से हुई थी।
अनुज कश्यप वर्तमान में गया के वरीय पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार के कार्यालय में मीडिया सेल इंचार्ज थे।

पिता का सीधा आरोप — “मेरे बेटे को मार डाला”

मृतक अनुज कश्यप के पिता भावनाथ मिश्रा ने स्वीटी कुमारी पर सीधा आरोप लगाया है—

“वो लगातार अनुज पर दबाव डाल रही थी कि अपनी पत्नी को छोड़कर उससे शादी कर ले। अनुज शादीशुदा था, पत्नी गर्भवती थी, फिर भी वो जबरदस्ती कर रही थी। मेरे बेटे ने उसकी प्रताड़ना से तंग आकर जान दे दी।”

पिता का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में एसएसपी को भी शिकायत दी थी, लेकिन हालात नहीं बदले।

पटना की रहने वाली स्वीटी, सहरसा का बेटा अनुज

स्वीटी कुमारी पटना जिले के विक्रम की रहने वाली हैं, जबकि अनुज सहरसा के बनगांव नगर पंचायत वार्ड-3 का निवासी था।
पिता के मुताबिक, अनुज साफ कहता था कि वह महिला को पसंद नहीं करता और वह लगातार दबाव डाल रही थी।
अनुज ने यह भी बताया था कि यह दबाव उसके मानसिक तनाव की सबसे बड़ी वजह बन गया है।

शादी, गर्भवती पत्नी और टूटता हौसला

अनुज की शादी 12 मई 2022 को हुई थी और उसकी पत्नी चार महीने की गर्भवती है।
पिता का कहना है कि अनुज कायर नहीं था, लेकिन मानसिक यातना इतनी बढ़ गई कि उसने आत्महत्या कर ली।

मोबाइल कॉल रिकॉर्ड से खुलासा

घटना के वक्त अनुज वीडियो कॉल पर था।
पुलिस ने मोबाइल जब्त कर एफएसएल टीम को जांच के लिए बुलाया।
मोबाइल कॉल रिकॉर्ड से साफ हो गया कि स्वीटी कुमारी अनुज पर शादी का दबाव बना रही थी।
यह सबूत इस बात को पुख्ता करते हैं कि अनुज मानसिक रूप से परेशान होकर आत्महत्या की ओर धकेला गया।

कोर्ट में पेशी पर रो पड़ी स्वीटी

शुक्रवार की रातभर स्वीटी से साइबर थाने में पूछताछ हुई।
शनिवार को कोर्ट में पेशी के दौरान उसका हौसला टूट गया—कार्रवाई खत्म होते ही वह रोने लगी और आंखों से आंसू पोंछते हुए पुलिस वाहन में बैठी।
उसके साथ कोई परिजन नहीं था, सिर्फ पुलिसकर्मी मौजूद थे।


 

  • Related Posts

    बिहार में भूमि विवाद खत्म करने की बड़ी पहल, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने तय की डेडलाइन; दिसंबर 2027 तक पूरा होगा विशेष भूमि सर्वेक्षण

    Share Add as a preferred…

    Continue reading
    बिहार में पौधारोपण का नया रिकॉर्ड, एक साल में 40.68 लाख पौधे लगाए गए; हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि

    Share Add as a preferred…

    Continue reading