सीतामढ़ी के श्रीराम जानकी मठ में शिला पूजन में शामिल हुए सीएम सम्राट चौधरी, जीर्णोद्धार कार्य का शुभारंभ

पटना/सीतामढ़ी, मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी शनिवार को सीतामढ़ी जिले के डुमरा प्रखंड अंतर्गत राघोपुर बखरी स्थित प्राचीन श्रीराम जानकी मठ में आयोजित शिला पूजन समारोह में शामिल हुए। यह कार्यक्रम रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्यमंत्री ने भाग लेते हुए मठ के जीर्णोद्धार कार्य का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने मठ के गर्भगृह में पूजा-अर्चना कर राज्य की समृद्धि, सुख-शांति और खुशहाली की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पूरे विधि-विधान से शिला पूजन किया और मठ के पुनर्निर्माण कार्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि यह स्थल केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में इसके संरक्षण और विकास के लिए सरकार पूरी तरह गंभीर है।

श्रीराम जानकी मठ परिसर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में रामायण रिसर्च काउंसिल से जुड़े लोगों ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत, श्रद्धालु और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन विशेष महत्व का है, क्योंकि जानकी नवमी के पावन अवसर पर इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने उपस्थित सभी संतों, गुरुजनों और श्रद्धालुओं को इस अवसर की शुभकामनाएं दीं और कहा कि मां सीता का आशीर्वाद सभी पर बना रहे। उन्होंने कहा कि उन्हें इस पवित्र स्थल पर आकर गर्भगृह के दर्शन और शिला पूजन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जो उनके लिए अत्यंत गौरव की बात है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रीराम जानकी मठ लगभग 800 वर्ष पुराना है और इसकी ऐतिहासिक महत्ता अत्यंत समृद्ध है। उन्होंने कहा कि रामायण रिसर्च काउंसिल ने न केवल इस मठ के जीर्णोद्धार की दिशा में कार्य किया है, बल्कि श्रीराम मंदिर निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ऐसे में यह संस्था धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में अहम भूमिका निभा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि मां जानकी की जन्मस्थली सीतामढ़ी में एक भव्य मंदिर निर्माण का कार्य भी प्रगति पर है, जो आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में 12 एकड़ भूमि पर श्रीराम जानकी मठ के निर्माण कार्य की अनुमति दी गई है और आज शिला पूजन के साथ इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने मां जानकी के जीवन से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हजारों वर्ष पहले जब इस क्षेत्र में अकाल पड़ा था, तब मां जानकी का जन्म हुआ और उनके आशीर्वाद से इस क्षेत्र में वर्षा हुई, जिससे लोगों को अकाल से मुक्ति मिली और क्षेत्र में समृद्धि आई। उन्होंने कहा कि मां सीता ने इसी धरती से पूरी दुनिया को समृद्धि और त्याग का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 10 हजार एकड़ में भव्य ‘सीतापुरम टाउनशिप’ विकसित करने का निर्णय लिया गया है, जिसे कैबिनेट से स्वीकृति भी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि इस टाउनशिप के विकसित होने से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि मां सीता से जुड़े सभी ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को चिन्हित कर उनका पुनर्जीवन सुनिश्चित किया जाए। इन स्थलों को विकसित कर एक समेकित धार्मिक पर्यटन सर्किट बनाया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और वे यहां अधिक समय तक ठहर सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि साधु-संतों का आशीर्वाद समाज के लिए अमूल्य होता है और सरकार उनके मार्गदर्शन में ही राज्य के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मां सीता का आशीर्वाद बिहार पर सदैव बना रहे और राज्य विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ता रहे, यही उनकी कामना है।

शिला पूजन समारोह में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री ने महान संत श्री रामभद्राचार्य जी महाराज से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने संतों के साथ धार्मिक और सामाजिक विषयों पर चर्चा भी की।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री श्री एस.पी. सिंह बघेल, सांसद श्री देवेश चंद्र ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह विधायक श्री संजय सरावगी, विधायक श्री सुनील कुमार पिंटू, विधायक श्रीमती गायत्री देवी, विधायक श्री पंकज कुमार मिश्रा, विधायक श्री रामेश्वर महतो, विधायक श्री नागेंद्र राउत सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इसके अलावा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक (ऑपरेशन) श्री कुंदन कृष्णन, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, गृह विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री संजय कुमार सिंह, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री नंद किशोर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

कुल मिलाकर, यह शिला पूजन समारोह न केवल एक धार्मिक आयोजन था, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है। सरकार की सक्रियता और योजनाओं से यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में श्रीराम जानकी मठ और उससे जुड़े क्षेत्र एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में उभरकर सामने आएंगे।

  • ये भी पढ़े..

    जयपुर-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस की शुरुआत, राजस्थान और बिहार के बीच रेल कनेक्टिविटी को मिली नई रफ्तार

    Share Add as a preferred…

    भागलपुर की नई डीएम अलंकृता पांडे ने संभाली कमान, गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ स्वागत

    Share Add as a preferred…