जेडीयू में पुराने नेताओं की वापसी के संकेत, आरसीपी सिंह बोले – खरमास खत्म होने दीजिए

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड की प्रचंड जीत के बाद पार्टी में पुराने नेताओं की वापसी को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में पूर्व केंद्रीय मंत्री और जन सुराज पार्टी के नेता आरसीपी सिंह को लेकर अटकलें जोर पकड़ने लगी हैं। जब पटना में पत्रकारों ने उनसे जेडीयू में वापसी को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कहा— “खरमास खत्म होने का इंतजार करिए, उसके बाद सब पता चल जाएगा।”

एक ही कार्यक्रम में पहुंचे नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह

दरअसल, पटना में पटेल परिवार की ओर से आयोजित चूड़ा-दही भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह दोनों शामिल हुए। हालांकि कार्यक्रम के दौरान दोनों की प्रत्यक्ष मुलाकात नहीं हुई, लेकिन आरसीपी सिंह ने मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की खुलकर तारीफ की।

उन्होंने कहा कि वे पहले भी ऐसे सामाजिक कार्यक्रमों में आते रहे हैं। बिहार की जनता नीतीश कुमार को पसंद करती है। पटेल समाज ने मुख्यमंत्री के साथ-साथ उन्हें भी आमंत्रित किया था, इसलिए वे कार्यक्रम में शामिल हुए।

जेडीयू ज्वाइन करेंगे?

जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या पटेल समाज चाहता है कि नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह फिर से एक साथ आएं, तो इस पर आरसीपी सिंह ने सधा हुआ जवाब दिया।

“आपको कहां से लगता है कि हम दो हैं? हमलोग एक ही हैं। 25 साल का हमारा साथ रहा है। हम एक-दूसरे को जितना जानते हैं, उतना शायद कोई नहीं जानता। जहां तक जेडीयू ज्वाइन करने की बात है, तो खरमास खत्म होने दीजिए, आपको सब पता चल जाएगा।”
— आरसीपी सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री

जेडीयू प्रवक्ता का तंज

आरसीपी सिंह के बयान पर जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी में किसी की वापसी पर फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व करता है, लेकिन एक बात साफ है कि नीतीश कुमार का व्यक्तित्व असाधारण है।

“नीतीश कुमार जी का व्यक्तित्व इतना भारी है कि राजनीति में संकट आने पर सबको एक ही नाम याद आता है—मुख्यमंत्री की संगति पकड़ने का। उनके साथ रहकर जो गए हैं, उन्हें दर्द-ए-बयां तो होता ही रहता है।”
— नीरज कुमार, मुख्य प्रवक्ता, जेडीयू

नीतीश कुमार के करीबी रहे हैं आरसीपी सिंह

67 वर्षीय आरसीपी सिंह पूर्व आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें राजनीति में लाने का श्रेय खुद नीतीश कुमार को जाता है। जेडीयू में उन्होंने संगठन महासचिव, राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे अहम पद संभाले। वे राज्यसभा सांसद और केंद्रीय मंत्री भी रहे। बाद में मतभेद के चलते उन्होंने जेडीयू छोड़ी, कुछ समय बीजेपी में रहे और फिर अपनी पार्टी बनाई।

विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने अपनी पार्टी ‘आप सबकी आवाज’ का प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी में विलय कर दिया था।

बेटी को मिली हार

हालिया विधानसभा चुनाव में जन सुराज पार्टी ने आरसीपी सिंह की बेटी लता सिंह को नालंदा की अस्थावां सीट से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा।

  • जेडीयू के जितेंद्र कुमार: 90,542 वोट (विजयी)
  • आरजेडी के रविरंजन कुमार: 49,834 वोट
  • लता सिंह: 15,962 वोट (तीसरा स्थान)

 

  • Related Posts

    गोपालगंज में निगरानी का बड़ा एक्शन, 6,500 रुपये घूस लेते राजस्व अधिकारी रंगे हाथ गिरफ्तार

    Share गोपालगंज। बिहार के विभिन्न…

    Continue reading
    जेडीयू नेता शिशुपाल भारती को बॉडीगार्ड मामले में पटना हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब

    Share पटना। जेडीयू नेता शिशुपाल…

    Continue reading