बिहार के शुभम ने रचा इतिहास: JEE Main में 100 परसेंटाइल, अब JEE Advanced में AIR-1, IIT बॉम्बे का सपना हुआ साकार

बिहार के Gaya के रहने वाले 17 वर्षीय शुभम कुमार ने देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में से एक JEE Advanced 2026 में ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर नया इतिहास रच दिया है। शुभम ने 360 में से 330 अंक प्राप्त कर देशभर में पहला स्थान हासिल किया।

100 परसेंटाइल से AIR-1 तक का सफर

शुभम इससे पहले JEE Main 2026 के दोनों सत्रों में भी 100 परसेंटाइल हासिल कर चुके थे। अब JEE Advanced में शीर्ष स्थान प्राप्त कर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया है।

गया के नादरगंज मोहल्ले से देश की नंबर-1 रैंक तक

शुभम का परिवार गया शहर के नादरगंज ब्राह्मणी घाट इलाके में रहता है। उनके पिता Shiv Kumar हार्डवेयर व्यवसायी हैं। परिवार आर्थिक रूप से सक्षम है, लेकिन शुभम की सफलता का आधार उनकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास रहा।

10वीं तक नहीं ली कोई ट्यूशन

शुभम बताते हैं कि उन्होंने 10वीं तक किसी भी विषय की ट्यूशन नहीं ली। शुरुआती कक्षाओं में उनकी मां ने पढ़ाई में मदद की, लेकिन बाद में उन्होंने सेल्फ-स्टडी के दम पर अपनी नींव मजबूत की।

15 घंटे तक पढ़ाई, लेकिन बिना तनाव

शुभम पिछले दो वर्षों से Kota में रहकर तैयारी कर रहे थे। उनका कहना है कि:

  • 10वीं के समय से ही रोज 10 घंटे पढ़ाई की आदत थी।
  • 12वीं में पढ़ाई का समय 12 घंटे से अधिक हो गया।
  • JEE की तैयारी के दौरान कई बार 15 घंटे तक अध्ययन किया।
  • मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए दोस्तों के साथ समय भी बिताते थे।

बोर्ड परीक्षा में भी शानदार प्रदर्शन

शुभम ने CBSE 12वीं परीक्षा में विज्ञान संकाय से 96.8 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। स्कूल स्तर पर भी वे लगातार टॉप करते रहे।

IIT बॉम्बे में दाखिले की तैयारी

शुभम का सपना शुरू से ही Indian Institute of Technology Bombay में पढ़ने का रहा है। अब AIR-1 मिलने के बाद उनका यह सपना लगभग पूरा हो गया है।

उनका कहना है कि उनका लक्ष्य केवल इंजीनियरिंग की डिग्री लेना नहीं, बल्कि पढ़ाई के दौरान कोई बड़ा नवाचार करना है।

बहनें भी IIT में

शुभम की बड़ी बहन Priya Kumari भी Indian Institute of Technology Patna में कंप्यूटर साइंस की छात्रा हैं। परिवार में शिक्षा और मेहनत का माहौल रहा है।

असफल छात्रों के लिए शुभम का संदेश

“अगर इस बार सफलता नहीं मिली है तो निराश मत होइए। मेहनत जारी रखिए, अपनी गलतियों को सुधारिए और अगले प्रयास में बेहतर प्रदर्शन कीजिए। जिस क्षेत्र में रहें, अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करें, सफलता जरूर मिलेगी।”

शुभम कुमार की उपलब्धि सिर्फ गया या बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश के उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें मेहनत के दम पर पूरा करना चाहते हैं।

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