
नई दिल्ली।दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को बड़ा झटका देते हुए उन्हें 4 फरवरी तक संबंधित जेल अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने उनके रवैये पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि बार-बार मौके दिए जाने के बावजूद उन्होंने भुगतान नहीं किया, जो निंदनीय है।
यह आदेश न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा की पीठ ने सुनाया।
कोर्ट ने क्यों लगाई फटकार?
हाईकोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता कंपनी एम/एस मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को भुगतान करने में यादव लगातार असफल रहे हैं।
कोर्ट के अनुसार, समझौते की संभावना जताकर भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई।
निचली अदालत से मिली थी सजा
इस मामले में निचली अदालत ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी को
- छह-छह महीने की साधारण कारावास की सजा सुनाई थी।
पहले मिल चुकी थी राहत
28 जून 2024 को हाईकोर्ट की एक अन्य पीठ ने यह कहते हुए सजा पर रोक लगा दी थी कि
- यादव दंपति आदतन अपराधी नहीं हैं
- और वे शिकायतकर्ता से समझौते की संभावना तलाश रहे हैं।
लेकिन अब भुगतान न होने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सरेंडर का आदेश जारी कर दिया है।


