
शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक बुजुर्ग महिला की बेहद सुनियोजित तरीके से हत्या कर दी गई। तेंदुआ थाना क्षेत्र के डेहरवारा गांव में बुधवार दोपहर को तीन हमलावर शादी का कार्ड देने के बहाने महिला के घर पहुंचे और दरवाजा खुलते ही पहले उनके पैर छुए, फिर नजदीक से गोली मार दी। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।
भरोसे का फायदा उठाकर की गई वारदात
घटना के समय 70 वर्षीय रामसखी धाकड़ अपनी 13 वर्षीय नातिन के साथ घर में मौजूद थीं। दोपहर करीब 3 बजे तीन युवक बाइक से आए और दरवाजा खटखटाकर आवाज लगाई—“अम्मा, दरवाजा खोलो, शादी का कार्ड देना है।”
बुजुर्ग महिला ने जैसे ही दरवाजा खोला, एक युवक ने आदर दिखाते हुए उनके पैर छुए। लेकिन अगले ही पल उसने बेहद नजदीक से उनके सिर पर गोली चला दी।
गोली लगते ही रामसखी जमीन पर गिर पड़ीं। इस पूरी घटना को उनकी नातिन ने अपनी आंखों से देखा, जिसकी चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत
घटना के बाद परिजन तुरंत घायल महिला को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अचानक हुई इस घटना से परिवार और गांव में शोक और भय का माहौल है।
जमीन विवाद बना हत्या की वजह
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इस हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, रामसखी धाकड़ अपने पति लक्ष्मी नारायण धाकड़ की दूसरी पत्नी थीं। पति की पहली पत्नी से पांच बच्चे थे, जबकि रामसखी अपने पहले पति के बेटे मुनेश को साथ लाई थीं।
परिवार के पास करीब 35 बीघा जमीन थी, जिसका बंटवारा हो चुका था। बताया जा रहा है कि रामसखी अपने हिस्से की जमीन अपने बेटे मुनेश के नाम करना चाहती थीं और इसके लिए नामांतरण की प्रक्रिया भी चल रही थी।
यही बात कथित रूप से विवाद का कारण बनी। आरोप है कि सौतेले बेटों को यह मंजूर नहीं था, जिसके चलते इस पूरी घटना की साजिश रची गई।
सौतेले बेटों पर शक
परिजनों का आरोप है कि इस हत्या के पीछे रामसखी के सौतेले बेटों का हाथ हो सकता है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी का नाम आधिकारिक रूप से घोषित नहीं किया है, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
मृतका के भाई ने बताया कि रामसखी ने हमेशा अपने सौतेले बच्चों को सगे बच्चों की तरह पाला-पोसा, लेकिन आज उन्हीं पर हत्या का शक जताया जा रहा है, जो बेहद दुखद है।
नातिन की आंखों के सामने हुई वारदात
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि पूरी वारदात 13 साल की नातिन के सामने हुई। उसने बताया कि हमलावर पहले सामान्य तरीके से बात कर रहे थे, लेकिन अचानक गोली चलने की आवाज आई और उसकी दादी गिर पड़ीं।
बच्ची की मानसिक स्थिति को देखते हुए परिवार और गांव के लोग भी गहरे सदमे में हैं।
पुलिस जांच में जुटी
तेंदुआ थाना प्रभारी के अनुसार, अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास के इलाकों में छानबीन कर रही है और संदिग्धों की तलाश में जुटी है।
घटना में शामिल हमलावरों की संख्या तीन बताई जा रही है, जो वारदात को अंजाम देने के बाद बाइक से फरार हो गए। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उनकी पहचान करने की कोशिश कर रही है।
गांव में दहशत और आक्रोश
इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। लोग खुलेआम इस तरह की वारदात से भयभीत हैं। वहीं, परिजनों में आक्रोश भी देखा जा रहा है और वे आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
शिवपुरी की यह घटना न केवल एक जघन्य हत्या है, बल्कि यह भी दिखाती है कि जमीन और संपत्ति के विवाद किस हद तक खतरनाक रूप ले सकते हैं। भरोसे और रिश्तों का फायदा उठाकर की गई इस वारदात ने समाज को झकझोर कर रख दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर न्याय दिलाया जाएगा।


