
शिवहर में मुहर्रम की तैयारियों के बीच उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब अखाड़ों के अभ्यास और जुलूस की तैयारी के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया और दोनों ओर से पत्थरबाजी, लाठी-डंडों से हमला तथा मारपीट शुरू हो गई। इस घटना में करीब 10 से 15 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई।
जानकारी के अनुसार, मुहर्रम को लेकर शहर के अलग-अलग हिस्सों से अखाड़े सुबह तड़के अभ्यास और जुलूस की तैयारी के लिए निकल रहे थे। इसी दौरान नगर परिषद क्षेत्र के थाना रोड स्थित एक मेडिकल दुकान के पास दो अखाड़ों के आमने-सामने आने पर रास्ता देने और क्रॉसिंग को लेकर विवाद शुरू हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, शुरुआत में विवाद केवल बहस तक सीमित था, लेकिन कुछ ही समय में माहौल गर्म हो गया और दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले चरण में मौजूद लोगों और कुछ वरिष्ठ व्यक्तियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत करा दिया था। ऐसा लग रहा था कि मामला समाप्त हो गया है, लेकिन थोड़ी देर बाद गांधी चौक के पास फिर से तनाव बढ़ गया। यहां दोनों पक्ष दोबारा आमने-सामने आ गए और विवाद अचानक हिंसक रूप में बदल गया। देखते ही देखते लाठी-डंडे चलने लगे और आसपास पड़े ईंट-पत्थरों का इस्तेमाल होने लगा।
घटना के दौरान इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद करनी शुरू कर दीं, जबकि राहगीर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि झड़प के समय लगभग 150 से 200 लोग आसपास मौजूद थे। करीब एक घंटे तक पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस नहीं पहुंचती तो हालात और गंभीर हो सकते थे।
बताया जा रहा है कि यह विवाद वार्ड संख्या 7 के इस्लामिया अखाड़ा और वार्ड संख्या 8 के मंसूरिया अखाड़ा के बीच हुआ। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर झड़प शुरू करने का आरोप लगाया है। एक पक्ष का कहना है कि उनका अखाड़ा निर्धारित समय पर निकल रहा था और वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार क्रॉसिंग के समय समन्वय किया जाता रहा है। आरोप लगाया गया कि सामने वाले पक्ष ने अचानक आक्रामक रवैया अपनाया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई।
दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका जुलूस पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ रहा था। उनके अनुसार, सामने वाले अखाड़े के कुछ लोग लाठी लहराते हुए निकले, जिससे तनाव बढ़ा और कुछ लोगों को चोट भी लगी। उनका दावा है कि छोटी मस्जिद के पास मामला शांत करा दिया गया था, लेकिन गांधी चौक पहुंचते-पहुंचते फिर विवाद भड़क गया। इस पक्ष का कहना है कि उनके भी कई सदस्य घायल हुए हैं।
घटना में घायल लोगों को इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल और निजी क्लीनिकों में पहुंचाया गया। कुछ लोगों को सिर और हाथ-पैर में गंभीर चोटें आईं, जबकि कई लोगों को हल्की चोटें लगीं। चिकित्सकों के अनुसार अधिकांश घायलों की हालत स्थिर है, हालांकि कुछ लोगों को अतिरिक्त निगरानी में रखा गया है। घायल लोगों के परिवारों में चिंता का माहौल बना हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। एसडीपीओ अनुशील कुमार भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने पहले भीड़ को हटाया, फिर संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया ताकि किसी तरह की नई घटना न हो। प्रशासन ने इलाके में लगातार गश्त बढ़ा दी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद अचानक नहीं बढ़ा बल्कि पहले से तनाव की स्थिति बन रही थी, जो बाद में हिंसा में बदल गई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हिंसा की शुरुआत किसने की। साथ ही मौके पर मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
एसडीपीओ अनुशील कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सुबह अखाड़े की प्रैक्टिस के दौरान यह घटना हुई। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति हिंसा फैलाने, मारपीट करने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन किसी भी दोषी को बख्शने के मूड में नहीं है।
नगर थाना पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। थाना प्रभारी रविन्द्र पाल के अनुसार कुल 45 नामजद और करीब 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सभी आरोपियों की पहचान और भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद शिवहर शहर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि मुहर्रम के दौरान शांति बनी रहे। प्रशासन लगातार स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और दोनों पक्षों के जिम्मेदार लोगों के संपर्क में है ताकि आपसी संवाद के जरिए तनाव कम किया जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान संयम और समन्वय बेहद जरूरी है। छोटी-सी गलतफहमी भी बड़ा विवाद बन सकती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आगे ऐसे आयोजनों के लिए स्पष्ट रूट प्लान, समय निर्धारण और समन्वय व्यवस्था बनाई जाए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
फिलहाल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं से बचने और शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग मांगा है। शिवहर में फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय रखी गई है।


