शेखपुरा, बिहार: जिले के महुली थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव निवासी रंजीत कुमार यादव को फर्जी यूपीएससी टॉपर बनने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। रंजीत ने खुद को यूपीएससी टॉपर बताकर न केवल सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी सम्मानित हुआ। हालांकि जांच में यह सामने आया कि उसने यूपीएससी की परीक्षा ही नहीं दी थी।
सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर बना माहौल
रंजीत ने अपने फर्जी दावे के सहारे सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हुए अपनी सफलता का दावा किया। इसके चलते गांव और आसपास के लोग उसके घर बधाई देने पहुंचे। शेखपुरा के पूर्व विधायक विजय कुमार भी फतेहपुर गांव आए और रंजीत को सूटकेस और फूलमालाओं से सम्मानित किया। इस दौरान कई लोगों ने वीडियो भी बनाया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जिससे यह खबर तेजी से फैल गई।
जांच में हुआ खुलासा
हालांकि, रंजीत के हावभाव और जवाबों को लेकर कई लोगों को संदेह हुआ। जांच के दौरान पता चला कि उसने यूपीएससी की परीक्षा ही नहीं दी थी। उसने कर्नाटक के चिक्काबल्लापुर निवासी रंजीथ कुमार के परिणाम (AIR 440) को आधार बनाकर अपना नाम जोड़कर लोगों को गुमराह किया।
दिल्ली भाग गया फर्जी टॉपर
सच्चाई सामने आने के बाद रंजीत कुमार दिल्ली भाग गया। फिलहाल उसका परिवार और गांव के लोग इस मामले पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं। वहीं, पूर्व विधायक विजय कुमार ने सोशल मीडिया से उस संबंधी पोस्ट हटा दी है।
यूपीएससी 2026 की सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम 6 मार्च को जारी किया गया था, और इसी परीक्षा के रिजल्ट का गलत फायदा उठाकर रंजीत ने अपनी पहचान बनाई।


