द वॉयस ऑफ बिहार | शेखपुरा (19 फरवरी 2026)
शेखपुरा जिले के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कमासी गांव में गुरुवार को बच्चा चोरी की अफवाह के बाद भारी हंगामा हुआ। एक डेढ़ वर्षीय बच्ची को गोद में लेकर जा रही युवती को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया और उसकी पिटाई शुरू कर दी। गनीमत रही कि समय रहते डायल 112 की टीम मौके पर पहुंच गई, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, कमासी गांव निवासी लालो महतो की डेढ़ वर्षीय नतिनी घर के बाहर गली में खेल रही थी।
- संदेह: तभी करीब 20 वर्षीय एक युवती बच्ची को गोद में लेकर वहां से निकलने लगी।
- शोर और घेराबंदी: बच्ची के रोने की आवाज सुनकर जब उसकी माँ बाहर आई, तो महिला को बच्ची के साथ देख शोर मचाया। परिजनों को आता देख महिला बच्ची को छोड़कर खेत की ओर भागने लगी, जिसे ग्रामीणों ने खदेड़कर पकड़ लिया।
- आक्रोश: महिला के पकड़े जाने के बाद भीड़ उग्र हो गई और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई।
डायल 112 ने दिखाई तत्परता
घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
- रेस्क्यू: पुलिस ने उग्र भीड़ के बीच से महिला को सुरक्षित निकाला और उसे थाने ले आई।
- मॉब लिंचिंग टली: पुलिस की त्वरित कार्रवाई की वजह से संभावित मॉब लिंचिंग की घटना को समय रहते रोक लिया गया।
पुलिसिया जांच: महिला निकली मानसिक विक्षिप्त
आदर्श टाउन थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने मामले की स्पष्ट जानकारी देते हुए बताया:
- मानसिक स्थिति: शुरुआती जांच में पकड़ी गई महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त (Mentally Unsound) पाई गई है।
- पुराना रिकॉर्ड: इससे पहले भी उसे गिरिहिंडा मोहल्ले में भटकते हुए पाया गया था, जिसके बाद उसे उसके परिजनों को सौंपा गया था।
- कोई साजिश नहीं: थानाध्यक्ष के अनुसार, यह बच्चा चोरी की कोई संगठित साजिश नहीं है। महिला किन परिस्थितियों में वहां पहुंची, इसकी जांच की जा रही है।
प्रशासन की अपील: अफवाहों पर न दें ध्यान
पुलिस ने शेखपुरावासियों से पुरजोर अपील की है कि सोशल मीडिया या गलियों में फैलने वाली बच्चा चोरी की अफवाहों पर ध्यान न दें। यदि कोई संदिग्ध दिखे तो कानून अपने हाथ में लेने के बजाय तत्काल प्रशासन को सूचित करें।
शेखपुरा और बिहार की हर बड़ी खबर की सटीक जानकारी के लिए जुड़े रहें: 👉 www.voiceofbihar.in


