शेखपुरा | 21 फरवरी, 2026: शेखपुरा जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को एक ऐतिहासिक हलचल देखने को मिली। पटना उच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद के आगमन पर न्यायालय परिसर न केवल प्रोटोकॉल की गरिमा से लैस दिखा, बल्कि भविष्य की ‘डिजिटल न्याय प्रणाली’ के संकल्प से भी ओतप्रोत रहा।
न्यायमूर्ति के पहुँचते ही उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जिसके बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारियों और न्यायिक पदाधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
प्रशासनिक मुस्तैदी और स्वागत समारोह
न्यायमूर्ति के स्वागत के लिए जिला प्रशासन और न्यायिक जगत के दिग्गज मौजूद रहे:
- प्रशासन: जिलाधिकारी (DM) शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक (SP) बलिराम कुमार चौधरी ने न्यायमूर्ति की अगवानी की।
- न्यायिक: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार तिवारी ने औपचारिक स्वागत कर वर्तमान गतिविधियों की जानकारी दी।
- बार एसोसिएशन: संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह, सचिव विपिन सिंह और संयुक्त सचिव चंद्रमौली यादव सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने न्यायमूर्ति को पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
डिजिटल विजन: अब ‘कागज’ नहीं, ‘क्लिक’ से मिलेगा न्याय
अपने दौरे के दौरान न्यायमूर्ति ने न्यायालय की आधारभूत संरचना और लंबित मामलों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि अब न्याय प्रणाली को आधुनिक तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना होगा।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु:
- ई-फाइलिंग की अनिवार्यता: न्यायमूर्ति ने अधिवक्ताओं से आग्रह किया कि जमानत आवेदन (Bail Application) सहित सभी वादों की फाइलिंग ई-फाइलिंग के माध्यम से की जाए।
- पेपरलेस वर्क सिस्टम: उन्होंने कागजरहित प्रणाली पर जोर देते हुए कहा कि इससे न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि रिकॉर्ड्स को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।
- त्वरित न्याय: डिजिटल व्यवस्था से फाइलों की खोजबीन में लगने वाला समय बचेगा, जिससे वादकारियों (Litigants) को कम समय में न्याय मिल सकेगा।
“भविष्य की न्याय प्रणाली पारदर्शी और सुलभ हो”
संयुक्त सचिव चंद्रमौली यादव ने मीडिया से बात करते हुए न्यायमूर्ति की सोच को प्रगतिशील बताया। उन्होंने कहा:
”माननीय न्यायमूर्ति का यह दौरा शेखपुरा न्यायालय के लिए प्रेरणादायक है। उनकी पेपरलेस व्यवस्था की पहल से न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। डिजिटल प्रणाली लागू होने से आम जनता को भी काफी सुविधा होगी और अनावश्यक विलंब की समस्या जड़ से खत्म होगी।”
निष्कर्ष: आधुनिकीकरण की ओर बढ़ता शेखपुरा
न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद का यह निरीक्षण महज एक प्रशासनिक दौरा नहीं था, बल्कि शेखपुरा जिला न्यायालय के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा मोड़ साबित होने वाला है। तकनीक के समावेश से अब ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए भी न्याय की राह आसान होने की उम्मीद जगी है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


