Sharda Sinha: बिहार कोकिला ने अपने अंतिम सांस से पहले गाया था छठ गीत

Sharda Sinha: बिहार की फेमस 72 वर्षीय लोक और शास्त्रीय गायिका शारदा सिन्हा ने 5 नवंबर, 2024 दिन मंगलवार को 09:20 मिनट पर दिल्ली के एम्स अस्पताल में इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया हैं. निधन के बाद राजकीय सम्मान के साथ शारदा सिन्हा का अंतिम संस्कार बिहार की राजधानी पटना में किया गया.

बता दें, बिहार की फेमस स्वर कोकिला शारदा सिन्हा साल 2017 से मल्टिपल माइलोमा (ब्लड कैंसर) की शिकार थी. इस समय तेजी से सोशल मीडिया पर दिवंगत गायिका का एक वीडियो वायरल हो रहा हैं. जिसे देख फैंस भावुक हो जा रहे हैं.

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आखिरी पलों में भी छठ गीत गाती रही शारदा सिन्हा

सोशल मीडिया पर इस समय तेजी से जो शारदा सिन्हा का वीडियो जो वायरल हो रहा हैं. उसमें दिवंगत गायिका शारदा सिन्हा बिस्तर पर लेटे अस्पताल के कपड़ों में नाक में ऑक्सीजन लगाए छठ गीत गुनगुनाती दिख रही हैं. जिसे देख फैंस इमोशनल हो जा रहे हैं. बता दें, इस वायरल वीडियो को कमेंट कर सोशल मीडिया यूजर्स उनके अंतिम समय का बता रहे हैं.

शारदा सिन्हा फेमस छठ गीत

शारदा सिन्हा द्वारा गए छठ गीतों को लोग आज भी सुनना और गाना पसंद करते हैं. बता दें, बिहार की लोक गायिका होने की वजह से शारदा सिन्हा ने हे छठी मइया, पहिले पहिल छठी मईया, और केलवा के पात पर उगेलन सूरजमल झुके झुके जैसे कई बेहतरीन छठ के गीत गाए हैं.

शारदा सिन्हा फेमस बॉलीवुड गाने

छठ गीतों के अलावा शारदा सिन्हा ने साल 1989 में अपना सबसे पहला बॉलीवुड गाना एक्टर सलमान खान की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ में ‘कहे तोसे सजना’ गाया था. इस गाने के हिट हो जाने के बाद शारदा सिन्हा साल 1994 में आई एक्टर सलमान खान की फैमिली ड्रामा फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ में विदाई के लिए ‘बाबुल जो तुमने सिखाया’ गाना गाई थी. बॉलीवुड में सलमान खाने के अलावा स्वर कोकिला ने साल 2012 में रिलीज नवाजुद्दीन सिद्दीकी की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में भी ‘तार बिजली से पतले’ गाना गाया हैं.

इन गीतों के बिना अधूरी हैं उत्तर प्रदेश और बिहार की शादियां

पद्भूषण से सम्मानित लोक गायिक शारदा द्वारा गाए गए चुमाबहु हे ललना धीरे धीरे, दुल्हा सिंदुर लियो हाथ, सोना के रे डलवा, मोहि लेलिखिन सजनी मोरा मनवा, माय हे अयोध्या नगर के सिन्दूरिया और दुल्हिन धिरे धिरे चल ससुर गलियाँ जैसे लोकप्रिय गीतों के बिना बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की भी शादियों को लोग अधूरा मानते हैं.

पुरस्कार और सम्मान

बिहार की स्वर कोकिला को साल 1991 में पघ श्री, साल 2000 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, साल 2006 में राष्ट्रीय अहिल्या देवी अवार्ड, पद्म भूषण, पद्म विभूषण और साल 2015 में बिहार सरकार द्वारा पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है.

इसके अलावा बता दें, शारदा सिन्हा का जन्म बिहार के सुपौल जिले में हुआ था और उनका विवाह बिहार के ही बेगूसराय जिले के सिहमा गांव में हुआ था. वहीं शारदा सिन्हा के पति बृजकिशोर सिन्हा का 22 सितंबर को ब्रेन हैमरेस से निधन हुआ था.

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