भागलपुर। बांका जिले के एक मवेशी कारोबारी से जबरन वसूली और केस दर्ज करने में हेराफेरी के आरोप में शाहकुंड थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर जयनाथ शरण को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई रेंज आईजी विवेक कुमार ने की है।
जांच में गंभीर आरोप साबित
सिटी एसपी शुभांक मिश्रा की जांच रिपोर्ट में थानाध्यक्ष जयनाथ शरण पर लगे आरोप सही पाए गए।
- कारोबारी से जबरन वसूली
- विरोध करने पर झूठा केस दर्ज कर जेल भेजने की कोशिश
- वारंट पंजी में घोर लापरवाही
- केस दर्ज करने में हेराफेरी
जांच रिपोर्ट को देखते हुए आईजी विवेक कुमार ने जयनाथ शरण को सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित कर दिया और उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र बना दिया है।
कारोबारी की शिकायत पर हुई कार्रवाई
बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र के दौना पवई निवासी मवेशी खरीद-बिक्री करने वाले मुहम्मद एजाज ने थानाध्यक्ष के खिलाफ आवेदन देकर आरोप लगाया था कि वैध दस्तावेज होने के बावजूद उनसे जबरन रुपये वसूले जाते हैं। जो कारोबारी पैसा देने से मना करता है, उस पर दुधारू मवेशी की तस्करी का झूठा केस दर्ज कर कार्रवाई की जाती है।
मालखाना प्रभार लेने से भी किया इनकार
जांच में यह बात भी सामने आई कि मालखाना प्रभार को लेकर कई बार अनुरोध किए जाने के बावजूद जयनाथ शरण ने अवर निरीक्षक मुकेश कुमार से प्रभार नहीं लिया।


