
स्पोर्ट्स डेस्क | 24 मार्च 2026: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के आगाज से ठीक पहले दिल्ली कैपिटल्स को बड़ा झटका लगा है। इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाज बेन डकेट ने टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया है। इस फैसले के बाद अब उन पर बीसीसीआई के नियमों के तहत दो साल का प्रतिबंध लगना लगभग तय माना जा रहा है।
2 करोड़ में खरीदे गए, अब नहीं खेलेंगे
हाल ही में हुए मिनी ऑक्शन में दिल्ली कैपिटल्स ने बेन डकेट को 2 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया था। टीम को उनसे ओपनिंग में मजबूत शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन सीजन शुरू होने से पहले ही उनके हटने से रणनीति पर असर पड़ा है।
क्या है बैन का नियम?
बीसीसीआई ने 2025 मेगा ऑक्शन से पहले एक सख्त नियम लागू किया था। इसके अनुसार, अगर कोई खिलाड़ी ऑक्शन में बिकने के बाद बिना किसी ठोस चिकित्सकीय कारण के टूर्नामेंट से नाम वापस लेता है, तो उसे अगले दो साल तक IPL में खेलने और ऑक्शन में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित किया जा सकता है।
डकेट का नाम वापस लेना इसी नियम के दायरे में आता है।
डकेट ने बताई वजह
बेन डकेट ने अपने फैसले की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए दी। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के लिए खेलना उनकी प्राथमिकता है और आने वाले घरेलू सीजन को देखते हुए वह खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रखना चाहते हैं।
उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स और फैंस से माफी भी मांगी।
खराब फॉर्म भी बना कारण
हाल ही में समाप्त हुई एशेज सीरीज में डकेट का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने 10 पारियों में करीब 20 की औसत से 202 रन बनाए। ऐसे में माना जा रहा है कि वह अपनी फॉर्म में सुधार और फिटनेस पर ध्यान देना चाहते हैं।
दिल्ली कैपिटल्स के सामने नई चुनौती
डकेट के बाहर होने से दिल्ली कैपिटल्स की ओपनिंग कॉम्बिनेशन पर असर पड़ेगा। हालांकि टीम के पास अभी भी कई विकल्प मौजूद हैं।
हेड कोच हेमंग बदानी के मुताबिक इस सीजन में केएल राहुल ओपनिंग की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। उनके साथ अभिषेक पोरेल, पृथ्वी शॉ और पथुम निसांका जैसे खिलाड़ी विकल्प के रूप में उपलब्ध हैं।
टीम को करना होगा रणनीति में बदलाव
डकेट के अचानक हटने से दिल्ली को अपनी प्लेइंग इलेवन और बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करना पड़ सकता है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट को नए संयोजन के साथ मैदान पर उतरना होगा।
IPL 2026 से पहले यह घटनाक्रम साफ करता है कि लीग में अब नियम काफी सख्त हो चुके हैं। खिलाड़ियों को फ्रेंचाइजी के साथ किए गए करार का पालन करना होगा, वरना उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।


