भागलपुर:(टीएमबीयू) में सत्र 2023-27 के सेमेस्टर फोर की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य गुरुवार को पूरी तरह ठप हो गया। मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों ने प्रभारी कुलपति पर गंभीर आरोप लगाते हुए मारवाड़ी कॉलेज में चल रहे मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार कर दिया और आंदोलन की चेतावनी दी है।
शिक्षकों का आरोप है कि प्रभारी कुलपति मूल्यांकन कार्य का निरीक्षण करने मारवाड़ी कॉलेज पहुंचे थे। इसी दौरान सीनेट सदस्य सह एफिलिएटेड कॉलेज शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने कुलपति से मूल्यांकन से जुड़ी बकाया राशि के भुगतान को लेकर आग्रह किया। आरोप है कि इस बात पर प्रभारी कुलपति भड़क गए और उन्होंने रजिस्ट्रार को निर्देश देते हुए डॉ. आनंद मिश्रा को तत्काल मूल्यांकन कार्य से डिबार करने को कहा।
डॉ. आनंद मिश्रा को मूल्यांकन कार्य से हटाने की बात सुनते ही वहां मौजूद शिक्षक भड़क गए। शिक्षक समेत अन्य शिक्षकों ने विरोध में तुरंत मूल्यांकन कार्य बंद कर दिया और मारवाड़ी कॉलेज के महिला प्रभाग से बाहर निकल गए। इसके बाद मूल्यांकन कार्य पूरी तरह ठप हो गया।
शिक्षकों ने इस कार्रवाई को अपमानजनक और तानाशाही रवैया करार देते हुए कहा कि यदि प्रभारी कुलपति प्रो. बिमलेन्दु शेखर झा अपने व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो वे लोग बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। शिक्षकों का कहना है कि मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण कार्य के दौरान इस तरह का व्यवहार न केवल शिक्षकों का मनोबल तोड़ता है, बल्कि छात्रों के भविष्य को भी प्रभावित करता है।
इधर, पूरे मामले पर प्रभारी कुलपति का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन टीएमबीयू के प्रशासनिक भवन स्थित उनका चेंबर खाली पाया गया। वहीं, मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।
फिलहाल सेमेस्टर-4 का मूल्यांकन कार्य ठप रहने से हजारों छात्रों का परिणाम प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। अब सभी की निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदम और इस विवाद के समाधान पर टिकी हुई हैं।


