बैडमिंटन में बालक-बालिकाओं का चयन ट्रायल 27 जून को सैंडिश कंपाउंड में

भागलपुर, 26 जून 2025।खेल विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण और जिला प्रशासन भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में राज्य स्तरीय एकलव्य आवासीय प्रशिक्षण केंद्र के लिए बैडमिंटन खेल में बालक एवं बालिका वर्ग का चयन ट्रायल आगामी 27 जून 2025 को आयोजित किया जाएगा।

यह ट्रायल सैंडिश कंपाउंड स्थित इनडोर बैडमिंटन हॉल, भागलपुर में पूर्वाह्न 9:00 बजे से अपराह्न 4:00 बजे तक आयोजित होगा।


12 से 14 वर्ष के खिलाड़ी ले सकेंगे भाग

चयन ट्रायल में भाग लेने के लिए न्यूनतम आयु 12 वर्ष और अधिकतम 14 वर्ष निर्धारित की गई है।
चयन प्रक्रिया में बैटरी टेस्ट और खेल कौशल परीक्षण के माध्यम से खिलाड़ियों का मूल्यांकन किया जाएगा।


चयनित खिलाड़ियों को मिलेंगी ये सुविधाएं

चयनित खिलाड़ियों को बिहार सरकार के खेल विभाग द्वारा निम्नलिखित सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जाएंगी:

  • पूर्ण आवासीय सुविधा (छात्रावास)
  • पौष्टिक भोजन
  • आधुनिक खेल उपकरण एवं खेल पोशाक
  • नियमित चिकित्सकीय देखभाल
  • दक्ष प्रशिक्षकों द्वारा वैज्ञानिक तरीके से खेल प्रशिक्षण

इन दस्तावेजों के साथ आएं खिलाड़ी

चयन ट्रायल में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को अपने साथ अनिवार्य रूप से लाना होगा:

  • आधार कार्ड (फोटोयुक्त पहचान पत्र)
  • एक पासपोर्ट साइज फोटो
  • अपना बैडमिंटन रैकेट और शटल

ट्रायल के दिन सबसे पहले बैटरी टेस्ट लिया जाएगा, उसके बाद खेल प्रदर्शन के आधार पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।


चयनित खिलाड़ियों के लिए छात्रावास अनिवार्य

जो खिलाड़ी अंतिम रूप से चयनित होंगे उन्हें:

  • अपने विद्यालय से विद्यालय परित्याग प्रमाण-पत्र (School Leaving Certificate) देना होगा।
  • एकलव्य केंद्र के आवासीय छात्रावास में रहना अनिवार्य होगा।

प्रशिक्षकों की टीम को दी गई जिम्मेदारी

चयन ट्रायल की सफलता सुनिश्चित करने हेतु:

  • बिहार राज्य खेल प्राधिकरण से 5 प्रशिक्षकों की नियुक्ति की गई है।
  • स्थानीय 10 शारीरिक शिक्षकों को भी आयोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

यह चयन ट्रायल न केवल प्रतिभावान खिलाड़ियों को पहचान देने का माध्यम बनेगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा। राज्य सरकार की यह पहल ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाओं को बराबरी का अवसर देकर खेलों में बिहार की पहचान को नई ऊंचाई देने की दिशा में अग्रसर है।


 

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