
पटना, 1 अप्रैल: बिहार सरकार द्वारा दृष्टि दोष की समस्या को कम करने और अंधेपन की रोकथाम के उद्देश्य से चलाया जा रहा विशेष नेत्र जांच अभियान अब दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। समाज कल्याण विभाग की पहल पर बुनियाद केंद्रों के माध्यम से यह अभियान राज्यभर में संचालित किया जा रहा है। दूसरे चरण की शुरुआत 30 मार्च से हो चुकी है, जिसके तहत 14 जिलों के 26 केंद्रों पर लोगों की आंखों की जांच की जा रही है।
हर उम्र के लोगों को मिल रहा लाभ
इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी आयु वर्ग के लोग शामिल हो सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोगों की आंखों की जांच कर उन्हें समय पर उपचार और चश्मा उपलब्ध कराया जाए।
14 जिलों में चल रही जांच प्रक्रिया
दूसरे चरण में जिन जिलों को शामिल किया गया है, उनमें खगड़िया, मधेपुरा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नालंदा, नवादा, रोहतास, सारण, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सिवान, सुपौल, वैशाली और पश्चिमी चंपारण शामिल हैं। इन सभी जिलों में कुल 26 बुनियाद केंद्रों पर जांच की व्यवस्था की गई है।
प्रत्येक चरण की अवधि लगभग एक महीने तय की गई है, जिसके दौरान राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा सूचीबद्ध एजेंसियों की मदद से आंखों की स्क्रीनिंग की जा रही है।
पहले चरण में भी मिला अच्छा रिस्पॉन्स
इस अभियान का पहला चरण 23 मार्च से शुरू हुआ था, जिसमें 22 बुनियाद केंद्रों पर जांच की गई। पहले और दूसरे चरण को मिलाकर अब तक 6101 लोगों की आंखों की जांच की जा चुकी है।
जांच के दौरान जरूरतमंद लोगों की पहचान कर 5205 लोगों को चश्मा देने के लिए चिन्हित किया गया है। इन लोगों को जांच के लगभग 15 दिनों के भीतर चश्मा उपलब्ध कराया जाएगा।
1 लाख चश्मा वितरण का लक्ष्य
सरकार ने इस पूरे अभियान के तहत 1 लाख चश्मे वितरण का लक्ष्य रखा है। इसके जरिए न केवल दृष्टि दोष को समय रहते ठीक किया जाएगा, बल्कि भविष्य में गंभीर नेत्र समस्याओं से भी बचाव संभव होगा।
टोल-फ्री नंबर से मिल रही जानकारी
लोगों की सुविधा के लिए ‘सक्षम’ के माध्यम से एक टोल-फ्री नंबर 18003456262 जारी किया गया है। इस नंबर पर कॉल कर कोई भी व्यक्ति अपने नजदीकी बुनियाद केंद्र, जांच शिविर की तिथि और अन्य जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकता है।
संयुक्त प्रयास से चल रहा अभियान
यह पूरा कार्यक्रम समाज कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयास से संचालित किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इस तरह के अभियान से राज्य में नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और समय पर इलाज सुनिश्चित होगा।
बिहार में चल रहा यह नेत्र जांच अभियान आम लोगों के लिए राहत भरा कदम साबित हो रहा है। दूसरे चरण की शुरुआत के साथ ही सरकार का फोकस ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाने और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने पर है। आने वाले चरणों में यह अभियान और व्यापक रूप लेगा, जिससे लाखों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।


