मुंबई, 19 सितंबर 2025 – बाजार नियामक सेबी ने गुरुवार को अदाणी समूह और उसके चेयरमैन गौतम अदाणी को अमेरिकी शोध संस्था हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया।
मामले की पृष्ठभूमि:
- हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी समूह पर आरोप लगाया था कि संबंधित पक्ष लेनदेन को छिपाने के लिए तीन इकाइयों के माध्यम से धन की हेराफेरी की गई।
- आरोपों में यह दावा किया गया था कि समूह ने वित्तीय लेनदेन में धोखाधड़ी की।
सेबी का फैसला:
- सेबी ने दो अलग-अलग आदेशों में कहा कि मामले में कोई उल्लंघन नहीं पाया गया।
- यह ध्यान में रखा गया कि उस समय असंबंधित पक्षों के साथ किए गए लेन-देन संबंधित पक्ष सौदे के रूप में नहीं माने जा सकते थे।
- 2021 के संशोधन के बाद ही संबंधित पक्ष की परिभाषा का विस्तार किया गया।
- सेबी ने स्पष्ट किया कि कर्ज और ब्याज चुका दिए गए थे और कोई धनराशि निकाली नहीं गई, इसलिए कोई धोखाधड़ी या अनुचित व्यापार व्यवहार नहीं हुआ।
सेबी ने अदाणी समूह और गौतम अदाणी के खिलाफ सभी कार्यवाही रद्द कर दी है। यह फैसला समूह के लिए राहतपूर्ण माना जा रहा है और बाजार में स्थिरता बनाए रखने की उम्मीद है।


