
पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महागठबंधन में सीट शेयरिंग को लेकर विवाद गहराया है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), कांग्रेस और वाम दल कई सीटों पर आमने-सामने हैं। कोई भी दल कुर्बानी देने को तैयार नहीं है, जिससे सीट बंटवारे का औपचारिक ऐलान अभी नहीं हो पाया है।
महागठबंधन में संख्या बल और दावेदारी
तेजस्वी यादव दिल्ली में नेताओं के साथ कैंप कर सीटों के बंटवारे पर बातचीत कर रहे हैं।
- कांग्रेस पार्टी 65 सीटों से कम पर लड़ने को तैयार नहीं।
- आरजेडी 55 सीटों से अधिक देने को तैयार नहीं।
- मुकेश सहनी की डिमांड 40 सीटों की, जबकि आरजेडी केवल 14–15 सीटें देने के लिए तैयार।
- वाम दल भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने पर अड़े हुए हैं।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद पर असहमति
महागठबंधन में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पद को लेकर भी सहमति नहीं बनी है।
- कांग्रेस ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट नहीं किया।
- मुकेश सहनी उपमुख्यमंत्री बनने के इच्छुक हैं।
- औपचारिक घोषणा अभी बाकी है।
विवादित विधानसभा सीटें
- घोसी: आरजेडी ने जगदीश शर्मा के बेटे राहुल शर्मा को मैदान में उतारने की तैयारी की है।
- पालीगंज: आरजेडी दीना यादव को उतार रही है, सीपीआईएमएल अपनी सीट नहीं छोड़ रही।
- मटिहानी, बछवारा, हरलाखी, रुपौली, तरारी: कांग्रेस और वाम दल के बीच सीटों पर टकराव।
- सीमांचल: चार सीटों पर कांग्रेस-आरजेडी टकराव, दोनों अपने दावे जता रहे हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, तेजस्वी यादव यादव बहुल सीटों पर अपना दावा रख रहे हैं ताकि महागठबंधन का वोट बैंक मजबूत रहे।
राजद की रणनीति और ‘A टू Z फॉर्मूला’
तेजस्वी यादव ने इस बार सीटों के बंटवारे में जातीय संतुलन और नए समीकरण को ध्यान में रखा है।
- यादव वोट बैंक के साथ-साथ अगड़ी और पिछड़ी जातियों को साधने का प्रयास।
- इस रणनीति से महागठबंधन में सीटों पर दबाव बढ़ा है।
- कई मौजूदा विधायकों के टिकट काटने की संभावना है।
विश्लेषकों की राय
अनीश अंकुर, राजनीतिक विश्लेषक:
“वाम दल अपने प्रभाव वाले सीटों की मांग कर रहे हैं। आरजेडी और कांग्रेस के लिए 200 सीटें छोड़ी गई हैं। बाकी सीटों पर टकराव है।”
डॉ. संजय कुमार, राजनीतिक विश्लेषक:
“तेजस्वी यादव मानते हैं कि यादव वोट बैंक उनके साथ है। अगर यादव बहुल सीटें अन्य दलों को जाएंगी, तो उनका आधार कमजोर होगा।”
सहमति की उम्मीद
राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा:
“सीट शेयरिंग समय पर हो जाएगी। कुछ सीटों पर दावा है, उसका समाधान भी निकलेगा।”
फिलहाल सभी दलों के बीच बैठकें और रणनीति मंथन जारी है, औपचारिक ऐलान में कुछ और दिन लग सकते हैं।


