
शिकायतों के लिए 24/7 खुला है कंट्रोल रूम
- भागलपुर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में जिले के भीतर रसोई गैस (LPG) का कोई संकट नहीं है और उपभोक्ताओं तक उनके सिलेंडर पहुँचाने के लिए होम डिलीवरी की व्यवस्था को और भी सशक्त बनाया गया है।
- जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने ताजा स्थिति साझा करते हुए बताया कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्धारित मानकों के अनुरूप ही गैस का वितरण किया जा रहा है और स्टॉक की उपलब्धता पूरी तरह पर्याप्त है।
- पिछले 48 घंटों के आंकड़े बताते हैं कि मांग और बुकिंग के मुकाबले वितरण की गति तेज रही है, जहाँ 6 और 7 अप्रैल को बुकिंग संख्या से अधिक सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है ताकि बैकलॉग को खत्म किया जा सके।
- गैस गोदामों की मनमानी रोकने के लिए विपणन अधिकारियों (Marketing Officers) को मैदान में उतारा गया है, जो औचक निरीक्षण कर वितरण पंजी और वास्तविक स्टॉक का मिलान कर रहे हैं।
- जिला प्रशासन ने एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर (0641-2402871) जारी किया है, जो चौबीसों घंटे सक्रिय रहकर उपभोक्ताओं की हर समस्या का त्वरित समाधान कर रहा है।
भागलपुर (द वॉयस ऑफ बिहार)।
ऊर्जा सुरक्षा का प्रशासनिक कवच: रसोई की आंच पर अब कोई संकट नहीं
भागलपुर जिले में घरेलू ईंधन की उपलब्धता और उसकी सुगम पहुँच को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। पिछले कुछ दिनों से विभिन्न क्षेत्रों में गैस वितरण को लेकर उठ रही चर्चाओं और छिटपुट शिकायतों के बीच जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने स्पष्ट और विस्तृत जानकारी साझा की है। 8 अप्रैल 2026 को जारी आधिकारिक बयान में यह रेखांकित किया गया कि जिले में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर केंद्रित है कि ‘अंतिम छोर’ यानी उपभोक्ता के घर तक गैस का सिलेंडर सुरक्षित और समय पर पहुँचे। इसके लिए होम डिलीवरी की प्रक्रिया को अनिवार्य और पारदर्शी बनाया गया है ताकि गैस गोदामों पर होने वाली भीड़ और अव्यवस्था को रोका जा सके।
आपूर्ति के सकारात्मक आंकड़े: मांग से अधिक वितरण का लक्ष्य
रसोई गैस वितरण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए सुधीर कुमार ने बताया कि जिले में आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित करने के लिए युद्ध स्तर पर काम हो रहा है। विशेष रूप से 6 और 7 अप्रैल की तारीखों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन दो दिनों में बुकिंग की तुलना में अधिक संख्या में गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की गई है। यह अतिरिक्त आपूर्ति उन उपभोक्ताओं के लिए संजीवनी साबित हो रही है जिनका इंतजार किन्हीं कारणों से लंबा हो गया था। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों में भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत बुकिंग और वितरण की कार्रवाई हो रही है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसी भी घर का चूल्हा ईंधन की कमी के कारण ठंडा न पड़े। इसके लिए तेल कंपनियों (OMCs) के साथ निरंतर समन्वय बिठाया जा रहा है ताकि बॉटलिंग प्लांट से लेकर वितरकों तक की चेन में कोई अवरोध न आए।
सड़कों पर निगरानी: मार्केटिंग अफसरों की औचक छापेमारी
केवल कागजी दावों पर भरोसा न करते हुए भागलपुर प्रशासन ने जमीनी हकीकत परखने के लिए एक विशेष रणनीति अपनाई है। इसी कड़ी में आज जिले के कई गैस गोदामों पर विपणन अधिकारियों (Marketing Officers) के माध्यम से गहन जांच कराई गई। इन जांचों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वितरक अपने पास उपलब्ध स्टॉक को दबाकर न रखें या किसी प्रकार की कृत्रिम किल्लत पैदा न करें। अधिकारी गोदामों में जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) कर रहे हैं और यह देख रहे हैं कि क्या बुकिंग के क्रम के अनुसार ही होम डिलीवरी की जा रही है। सुधीर कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी स्तर पर वितरण में अनियमितता या कालाबाजारी के संकेत मिलते हैं, तो संबंधित गैस एजेंसी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासनिक समन्वय और दैनिक समीक्षा का दौर
भागलपुर में गैस आपूर्ति की व्यवस्था को एक ‘स्मार्ट ग्रिड’ की तरह संचालित करने के लिए त्रिस्तरीय समीक्षा प्रणाली लागू की गई है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि प्रतिदिन गैस कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों, सभी अनुमंडल पदाधिकारियों (SDO) और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (BSO) के साथ बैठकें की जा रही हैं। इन बैठकों में प्रखंडवार आपूर्ति की रिपोर्ट ली जाती है और जहाँ भी कोई समस्या दिखती है, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाते हैं। प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि ग्रामीण क्षेत्रों के दूर-दराज के गांवों में भी गैस वेंडर्स (हॉकर्स) नियमित रूप से पहुँचें और उपभोक्ताओं से निर्धारित मूल्य से अधिक की वसूली न हो सके।
24/7 जिला नियंत्रण कक्ष: उपभोक्ताओं का सबसे बड़ा सहारा
किसी भी व्यवस्था की सफलता उसकी शिकायत निवारण प्रणाली (Grievance Redressal System) पर निर्भर करती है। भागलपुर प्रशासन ने इसे समझते हुए जिला नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे और सातों दिन सक्रिय कर दिया है। उपभोक्ता अपनी किसी भी शिकायत—चाहे वह बुकिंग में देरी हो, होम डिलीवरी न मिलना हो या अतिरिक्त पैसे की मांग हो—के लिए सीधे दूरभाष संख्या 0641-2402871 पर संपर्क कर सकते हैं। सुधीर कुमार ने बताया कि इस नंबर पर प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत को एक विशिष्ट टोकन नंबर दिया जाता है और उसका तब तक पीछा किया जाता है जब तक उपभोक्ता संतुष्ट न हो जाए। यह नियंत्रण कक्ष न केवल समस्याओं को सुनता है, बल्कि आपूर्ति व्यवस्था की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग में भी प्रशासन की मदद कर रहा है।
अफवाहों पर लगाम और पारदर्शी सूचना तंत्र
अक्सर देखा जाता है कि त्योहारों या विशेष अवसरों पर कुछ असामाजिक तत्व गैस की किल्लत की अफवाह फैलाकर बाजार में घबराहट पैदा करते हैं, जिससे ‘पैनिक बुकिंग’ शुरू हो जाती है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। जिले के पास पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है और आने वाले दिनों में आपूर्ति और भी अधिक सुगम होगी। प्रशासन का मानना है कि पारदर्शी सूचना तंत्र ही कालाबाजारी को रोकने का सबसे बड़ा हथियार है। इसी को ध्यान में रखते हुए गैस वितरण की अद्यतन स्थिति को नियमित रूप से प्रेस और सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के बीच साझा किया जा रहा है।
भविष्य की रणनीति: सुदृढ़ आपूर्ति श्रृंखला का निर्माण
भागलपुर में एलपीजी की होम डिलीवरी को लेकर प्रशासन अब ‘जीरो बैकलॉग’ के लक्ष्य पर काम कर रहा है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी के अनुसार, आने वाले हफ्तों में वितरण प्रणाली में और भी तकनीकी सुधार किए जाएंगे ताकि उपभोक्ता को बुकिंग के 48 से 72 घंटों के भीतर सिलेंडर मिल जाए। इसके लिए हॉकर्स की संख्या बढ़ाने और गैस वैनों के रूट चार्ट को अधिक प्रभावी बनाने पर विचार किया जा रहा है। सुधीर कुमार ने दोहराया कि जिला प्रशासन के लिए जनता की सुविधा सर्वोपरि है और किसी भी वितरक की मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुरक्षित और सुलभ रसोई का संकल्प
सुधीर कुमार के नेतृत्व में भागलपुर का आपूर्ति विभाग जिस सक्रियता से कार्य कर रहा है, वह सुशासन की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। 24/7 नियंत्रण कक्ष, विपणन अधिकारियों की छापेमारी और दैनिक समीक्षा बैठकें—ये सभी कारक मिलकर एक ऐसा तंत्र बना रहे हैं जहाँ भ्रष्टाचार और देरी की गुंजाइश न्यूनतम हो। भागलपुर के उपभोक्ताओं के लिए यह खबर एक बड़ी राहत है कि उनकी रसोई की ऊर्जा सुरक्षा अब सीधे प्रशासनिक निगरानी में है। 0641-2402871 केवल एक नंबर नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति विश्वास का एक माध्यम बन गया है।


