
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से अंधविश्वास और ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कथित बाबा और उसके साथी ने भूत-प्रेत भगाने का झांसा देकर एक दंपति से लाखों रुपये ठग लिए। आरोपियों ने तंत्र-मंत्र और डर का सहारा लेकर न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाया, बल्कि पीड़ित परिवार को मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया।
आधी रात श्मशान में कराया ‘तंत्र-मंत्र’
पीड़ित दंपति के अनुसार, आरोपी ने पहले उनके जीवन में चल रही परेशानियों का फायदा उठाया और भूत-प्रेत का डर दिखाकर उन्हें अपने जाल में फंसाया। इसके बाद 31 जनवरी को पति को हरदा जिले के हंडिया स्थित नर्मदा नदी किनारे श्मशान घाट पर बुलाया गया।
रात करीब 3 बजे वहां कथित बाबा ने तंत्र-मंत्र का नाटक रचा। धूप-अगरबत्ती और धुएं के बीच एक हंडी में 35 हजार रुपये रखवाए गए और उसे लाल कपड़े में बांधकर घर ले जाने को कहा गया। दावा किया गया कि नियमित पूजा करने से सभी समस्याएं खत्म हो जाएंगी।
नशीला पदार्थ देकर घर से ऐंठे पैसे
कुछ दिनों बाद आरोपी बाबा अपने साथी के साथ पीड़िता के घर पहुंचा। वहां ‘इलाज’ के नाम पर महिला और उसकी ननद को भभूत खिलाई गई और पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया गया। नशे की हालत में आरोपियों ने घर में रखे पैसे निकलवाए।
पीड़िता के मुताबिक, उन्होंने छत निर्माण के लिए रखे गए 1 लाख रुपये भी बाबा को दे दिए। आरोपियों ने पैसे ‘शुद्धि’ के नाम पर लाल कपड़े में बांधकर अपनी झोली में रख लिए और बाद में लौटाने का झांसा दिया।
धमकी देकर और वसूले पैसे
इतना ही नहीं, आरोपियों ने फोन के जरिए दंपति को अनहोनी और बच्चे की जान का डर दिखाकर और पैसे ऐंठे। इस तरह अलग-अलग तरीकों से कुल 2 लाख 30 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
मामले में पीड़ित दंपति की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पंकज नाथ और उसके साथी कथित बाबा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
अंधविश्वास से बचने की अपील
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के तंत्र-मंत्र, भूत-प्रेत या चमत्कार के नाम पर किसी अज्ञात व्यक्ति पर भरोसा न करें। ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि जागरूकता ही इस तरह की ठगी से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। समाज को अंधविश्वास से दूर रहकर वैज्ञानिक सोच अपनाने की जरूरत है।


