सासाराम/पटना: विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले सासाराम में स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। बीती रात तकिया बाजार समिति स्थित स्ट्रांग रूम के बाहर ट्रक के घुसने और CCTV कैमरा बंद पाए जाने से राजनीतिक तापमान चढ़ गया। प्रत्याशी और उनके समर्थक स्ट्रांग रूम पहुंच गए और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। मामला बढ़ते ही चुनाव आयोग ने तत्काल एक्शन लेते हुए चेनारी विधानसभा के Returning Officer (RO) को हटा दिया है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
गुरुवार देर रात स्ट्रांग रूम के बाहर एक ट्रक अचानक पहुंच गया। इसी दौरान यह भी सामने आया कि स्ट्रांग रूम का CCTV कैमरा बंद था।
यह देखते ही वहां मौजूद अभिकर्ताओं ने सुरक्षा में गंभीर चूक का आरोप लगाया और कई राजनीतिक दलों के प्रत्याशी मौके पर पहुंच गए।
- प्रत्याशी और समर्थकों ने स्ट्रांग रूम का घेराव किया
- प्रशासन की लापरवाही का आरोप
- सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, हंगामा तेज होता गया। स्थिति बिगड़ने की आशंका देखते हुए प्रशासन सक्रिय हुआ।
DM ने RO से स्पष्टीकरण मांगा
जिलाधिकारी उदिता सिंह ने रात में ही चेनारी विधानसभा के निर्वाची पदाधिकारी (RO) से स्पष्टीकरण मांगा।
DM ने यह भी कहा कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
चुनाव आयोग की त्वरित कार्रवाई: RO हटाए गए
हंगामे की जानकारी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी तक पहुंचते ही कार्रवाई तेज हो गई।
रोहतास के जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल को पत्र लिखकर तत्काल RO बदलने की सिफारिश की।
सिफारिश पर तुरंत आदेश जारी हुआ और:
- अपर समाहर्ता ललित भूषण रंजन, जो चेनारी के वर्तमान निर्वाची पदाधिकारी थे, उन्हें पद से हटा दिया गया।
- उन्हें मतगणना सहित सभी चुनावी कार्यों से अलग कर दिया गया है।
जफर हसन नए Returning Officer बनाए गए
नई पोस्टिंग का आदेश जिलाधिकारी को भेज दिया गया है।
- जफर हसन, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (Rohtas), को चेनारी विधानसभा क्षेत्र का नया निर्वाची पदाधिकारी (RO) नियुक्त किया गया है।
- वह मतगणना प्रक्रिया सहित स्ट्रांग रूम की निगरानी की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि मतगणना से पहले किसी भी तरह की गड़बड़ी या सुरक्षा चूक को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
जिले में हाई अलर्ट, सुरक्षा कड़ी
स्ट्रांग रूम विवाद के बाद प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम और सख्त कर दिए हैं:
- CCTV सिस्टम की तत्काल तकनीकी जांच
- स्ट्रांग रूम के चारों ओर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात
- प्रवेश के लिए कड़े प्रोटोकॉल लागू
- जिलाधिकारी ने स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की
क्यों बढ़ा इतना बड़ा विवाद?
चुनाव से ठीक पहले स्ट्रांग रूम में CCTV बंद होना और उसके बाहर ट्रक का पहुंच जाना बेहद संवेदनशील मामला है।
प्रत्याशियों को आशंका थी कि मतगणना से पहले स्ट्रांग रूम में छेड़छाड़ हो सकती है, जिस कारण हंगामा बढ़ गया।
स्थिति को नियंत्रित करने और भरोसा बहाल करने के लिए चुनाव आयोग ने तुरंत RO बदलने का निर्णय लिया।


