पटना। बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान भले ही अभी बाकी हो, लेकिन राजनीतिक माहौल गरमा चुका है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में बेतिया से भाजपा सांसद और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने जन सुराज पार्टी और उसके प्रमुख प्रशांत किशोर (PK) पर सीधा निशाना साधा है।
संजय जायसवाल ने कहा कि “बिहार की ठगी की पहचान कभी नटवरलाल हुआ करते थे, लेकिन अब PK उनसे भी बड़ा ‘ठग’ बन चुका है। नटवरलाल ने आम लोगों को ठगा था, लेकिन प्रशांत किशोर तो बिहार के बुद्धिजीवियों को ठग रहे हैं।”
फंडिंग पर गंभीर सवाल
जायसवाल ने दावा किया कि उन्होंने PK से सात बड़े सवाल पूछे थे। इनमें से एक सवाल जब पत्रकार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया, तो PK ने खुद स्वीकार किया कि उन्हें आंध्र प्रदेश के एक सांसद के जरिए ₹14 करोड़ का चंदा मिला है। लेकिन जायसवाल का सवाल है कि यह राशि घाटे में चल रही कंपनी से क्यों दिलवाई गई और क्या यह कानून के दायरे में आता है?
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जन सुराज पार्टी की ऑडिट रिपोर्ट में भारी गड़बड़ियाँ हैं। “जब ₹14 करोड़ की फंडिंग पार्टी ने स्वीकार की है, तो फिर वर्ष 2023-24 में पार्टी का कुल खर्च सिर्फ ₹35,000 कैसे हो सकता है? बिहारभर में 200 गाड़ियाँ चलाई गईं, फाइव स्टार टेंट में कार्यक्रम हुए, हर जिले में कर्मचारी रखे गए, तो फिर यह खर्च महज ₹35,000 कैसे दिखाया गया?” – जायसवाल ने सवाल उठाया।
पार्टी गठन की तारीख पर भी विवाद
सांसद ने जन सुराज पार्टी की स्थापना को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर 2024 को चुनाव आयोग की वेबसाइट पर पार्टी अध्यक्ष सरत कुमार मिश्रा दर्ज हैं, जबकि 2 अक्टूबर 2024 को गांधी मैदान में पार्टी के “उद्भव” की घोषणा कर दी गई। सिर्फ 15 दिनों में अध्यक्ष पद पर उदय सिंह की ताजपोशी कैसे हो गई?
JDU और BJP ने की जांच की माँग
इस मामले पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) और भाजपा ने चुनाव आयोग और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जन सुराज पार्टी की फंडिंग की जांच की माँग की है। JDU ने तो आरोप लगाया कि जन सुराज को फंडिंग “Joy of Giving Global Foundation” जैसे एनजीओ से हो रही है, जिसकी संरचना संदेह के घेरे में है।
‘बदलाव यात्रा’ पर सवाल
बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर को बदलाव का चेहरा बताया गया था, लेकिन अब उन पर लग रहे आरोपों ने उनकी ‘बदलाव यात्रा’ को सवालों के घेरे में ला दिया है। संजय जायसवाल ने तंज कसते हुए कहा कि “अगर PK सच में बिहार को बदलना चाहते, तो वह अपना करोड़पति बनने का फॉर्मूला ही युवाओं को दे देते, वही सबसे बड़ा बदलाव होता।”
चुनावी मौसम में बढ़ी बेचैनी
PK और जन सुराज पार्टी पर लगे इन आरोपों ने चुनावी मौसम को और गरमा दिया है। अब सबकी निगाहें चुनाव आयोग और जांच एजेंसियों पर टिकी हैं कि वे इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करती हैं।


