
पटना में तेजी से बदलते सियासी घटनाक्रम के बीच बिहार में नई सरकार गठन की प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। भाजपा विधायक दल के नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश कर दिया है।
मंगलवार का दिन बिहार की राजनीति के लिए बेहद अहम रहा। मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली। इसी क्रम में सम्राट चौधरी ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को समर्थन पत्र सौंपा और नई सरकार बनाने की पेशकश की।
विधायक दल की बैठक में बनी सहमति
पटना स्थित भाजपा कार्यालय में केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता और विधायक शामिल हुए। सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया।
इस फैसले के साथ ही यह लगभग तय हो गया कि बिहार की अगली सरकार का नेतृत्व अब सम्राट चौधरी के हाथों में होगा। बैठक में विजय कुमार सिन्हा समेत अन्य नेताओं ने भी उनके नाम का समर्थन किया।
शपथ ग्रहण की तैयारी पूरी
पार्टी सूत्रों के अनुसार, सम्राट चौधरी बुधवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसके साथ ही बिहार में नई सरकार का औपचारिक गठन हो जाएगा।
नीतीश कुमार ने दिया समर्थन
इस पूरे घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक दृश्य भी देखने को मिला। इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने एनडीए की बैठक में सम्राट चौधरी को माला पहनाकर उनका स्वागत किया। वहीं सम्राट चौधरी ने उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
नीतीश कुमार ने नई सरकार को अपना समर्थन और मार्गदर्शन देने की बात भी कही, जिससे यह संकेत मिला कि सत्ता परिवर्तन सहयोगात्मक तरीके से हो रहा है।
नई सरकार से बढ़ी उम्मीदें
राज्य में नई सरकार के गठन के साथ ही जनता और राजनीतिक हलकों में नई उम्मीदें भी जागी हैं। अब सबकी नजरें शपथ ग्रहण समारोह और नई कैबिनेट के गठन पर टिकी हैं।
कुल मिलाकर, सम्राट चौधरी द्वारा सरकार बनाने का दावा पेश करने के साथ ही बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की औपचारिक शुरुआत हो चुकी है।


