
HIGHLIGHTS: वर्दी की धौंस और शराब का सुरूर; जिस थाने में थी तैनाती, उसी की हवालात में कटेगी रात, एसपी की बड़ी कार्रवाई
- शर्मनाक करतूत: समस्तीपुर के विभूतिपुर थाने में तैनात एएसआई (ASI) रिंकू सिंह ने शराब के नशे में होटल में मचाया जमकर उत्पात।
- ऑन-स्पॉट एक्शन: सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष ने खुद की छापेमारी; नशे में धुत एएसआई को हिरासत में लेकर कराई मेडिकल जांच।
- पुष्टि: मेडिकल रिपोर्ट में शराब पीने की आधिकारिक पुष्टि; एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह ने तत्काल प्रभाव से किया निलंबित।
- पुराना रिकॉर्ड: होटल संचालक का गंभीर आरोप— एक महीने पहले दूसरे व्यक्ति को पिस्टल देकर कर्मचारियों को धमकाया था।
- न्यायिक हिरासत: कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी जमादार को भेजा गया जेल; विभागीय जांच के भी आदेश।
- VOB इनसाइट: सुशासन की सरकार में पुलिसकर्मी का ही शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाना विभाग के लिए बड़ी फजीहत।
समस्तीपुर / विभूतिपुर | 25 मार्च, 2026
बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने की जिम्मेदारी जिस खाकी के कंधों पर है, वही अब नशे के सुरूर में कानून की धज्जियां उड़ा रही है। ताजा मामला समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाने का है, जहाँ एक सहायक अवर निरीक्षक (ASI) ने शराब के नशे में न केवल हंगामा किया, बल्कि पुलिस की छवि को भी सरेआम धूमिल कर दिया। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी जमादार रिंकू सिंह को अब उसी थाने की हवालात में रात गुजारनी पड़ी, जहाँ वे कल तक हुक्म चलाया करते थे।
होटल में हंगामा और ग्रामीणों का आक्रोश
घटना रविवार देर शाम की है, जब एएसआई रिंकू सिंह नशे की हालत में विभूतिपुर थाना क्षेत्र के खोकसाहा चौक स्थित एक होटल में पहुँचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, होटल में घुसते ही वे बिना किसी कारण के गाली-गलौज करने लगे और कर्मचारियों पर रौब झाड़ने लगे।
होटल संचालक पीयूष कुमार ने बताया कि एएसआई की बदतमीजी इस कदर बढ़ गई थी कि उन्होंने लोगों को देख लेने की धमकी दी। स्थिति को बिगड़ता देख वहां मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया, जिसके बाद काफी धक्का-मुक्की भी हुई। सूचना मिलने पर पहुंचे दूसरे एएसआई प्रमोद कुमार ने उन्हें किसी तरह भीड़ से बचाकर अस्पताल पहुँचाया, लेकिन वहां भी ‘साहब’ का नशा कम नहीं हुआ और करीब आधे घंटे तक अस्पताल परिसर में भी हंगामा जारी रहा।
पिस्टल थमाकर धमकाने का पुराना मामला आया सामने
होटल संचालक पीयूष कुमार ने इस घटना के बाद एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनका आरोप है कि करीब एक महीने पहले भी एएसआई रिंकू सिंह ने घोर अनुशासनहीनता दिखाई थी। उस समय वे अपने साथ आए एक दूसरे व्यक्ति को अपनी सरकारी पिस्टल थमाकर मिठाई का दाम पूछने और कर्मचारियों को डराने का काम कर रहे थे। उस समय मामला जैसे-तैसे शांत हो गया था, लेकिन रविवार की घटना ने उनके रसूख और अनुशासनहीनता की पोल खोल दी है।
एसपी का सख्त रुख: “अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं”
मामले की जानकारी मिलते ही समस्तीपुर एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में ऐसे तत्वों के लिए कोई जगह नहीं है जो खुद कानून तोड़ते हैं।
एसपी के निर्देश पर:
- आरोपी एएसआई का मेडिकल टेस्ट कराया गया, जिसमें शराब की मात्रा पाई गई।
- विभूतिपुर थाने में ही उनके खिलाफ मद्यनिषेध कानून के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
- उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजते हुए विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है ताकि उन्हें सेवा से बर्खास्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
VOB का नजरिया: क्या पुलिस ही तोड़ रही है शराबबंदी की कमर?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि समस्तीपुर की यह घटना बिहार पुलिस के लिए एक बड़ा ‘वेक-अप कॉल’ है।
- वर्दी का दुरुपयोग: जब एक जांच अधिकारी ही नशे में धुत होकर पिस्टल का प्रदर्शन करेगा, तो आम जनता में सुरक्षा का भाव कैसे पैदा होगा?
- थानाध्यक्ष की तत्परता: विभूतिपुर थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा ने अपने ही अधीनस्थ अधिकारी पर कार्रवाई कर एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया है।
- सख्त संदेश: एसपी की त्वरित कार्रवाई यह बताती है कि वर्दी की आड़ में कानून से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
निष्कर्ष: सुशासन और कानून का इकबाल
जमादार रिंकू सिंह का जेल जाना यह साबित करता है कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह रक्षक ही क्यों न हो। ग्रामीणों का आक्रोश इस बात का संकेत है कि अब जनता पुलिस की ज्यादती को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस मामले में होने वाली अगली विभागीय कार्रवाई और न्यायालय के फैसले पर अपनी पैनी नजर बनाए रखेगा।


