HIGHLIGHTS
- सुनियोजित साजिश: आशीष मिश्रा का दावा— भाई की हत्या अचानक नहीं, सोची-समझी प्लानिंग थी।
- नामजद आरोपी: शिवम और तुषार (पिता- मृत्युंजय त्रिवेदी) पर सरेआम गोलीबारी का आरोप।
- फंडिंग का खेल: गोलू यादव पर हत्या के लिए मोटी रकम (फंडिंग) मुहैया कराने का गंभीर आरोप।
- पुलिस फेल्योर: परिजनों का गुस्सा— “15 अगस्त के हमले पर कार्रवाई होती, तो आज जिंदा होता छोटू।”
सहरसा | 15 मार्च, 2026
सहरसा के चर्चित छोटू मिश्रा हत्याकांड में अब एक ऐसा सनसनीखेज मोड़ आ गया है, जिसने पूरे जिले की पुलिसिया कार्यवाही पर सवालिया निशान लगा दिया है। मृतक छोटू मिश्रा के बड़े भाई आशिष मिश्रा ने सामने आकर न केवल हत्यारों के नाम बताए हैं, बल्कि इस खूनी खेल के पीछे छिपे ‘फाइनेंसर’ का भी पर्दाफाश किया है। इस खुलासे के बाद सहरसा में तनाव चरम पर है और अपराधियों के साथ-साथ पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
“शिवम और तुषार ने दागीं गोलियां, गोलू यादव ने बिछाया पैसों का जाल”
मृतक के भाई आशीष मिश्रा ने सीधे तौर पर शिवम और तुषार (पिता- मृत्युंजय त्रिवेदी) को शूटर बताया है। उन्होंने दावा किया कि वारदात के वक्त वे उसी रास्ते से गुजर रहे थे और उन्होंने अपनी आंखों से दोनों भाइयों को गोली मारकर भागते हुए देखा। आशीष का सबसे बड़ा आरोप गोलू यादव पर है, जिसे इस हत्याकांड का ‘मास्टरमाइंड और फाइनेंसर’ बताया जा रहा है। आरोप है कि गोलू यादव ने ही इस पूरी वारदात के लिए पैसे और संसाधन मुहैया कराए थे।
धमकियों का दौर और पुलिस की लापरवाही: “15 अगस्त को ही मिल गया था संकेत”
आशीष मिश्रा ने प्रशासन पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनके भाई की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने बताया कि पिछले साल 15 अगस्त को भी छोटू मिश्रा पर जानलेवा हमला हुआ था। उस वक्त पुलिस को नामजद सूचना दी गई थी और लगातार मिल रही जान से मारने की धमकियों के बारे में भी बताया गया था। लेकिन पुलिस की ‘ठंडी’ फाइलें और कार्रवाई में ढिलाई ने अपराधियों का मनोबल बढ़ा दिया। परिजनों का कहना है कि “अगर पुलिस ने उस वक्त शिवम और तुषार को जेल भेजा होता, तो आज छोटू हमारे बीच होता।”
सहरसा में बढ़ा अपराधियों का ‘सिंडिकेट’, न्याय के लिए पुकार
छोटू मिश्रा की हत्या ने सहरसा में एक बार फिर ‘सिंडिकेट वॉर’ की आहट दे दी है। अपराधियों ने सरेआम धमकी देकर वारदात को अंजाम दिया, जो प्रशासन की विफलता का बड़ा सबूत है। परिजन अब निष्पक्ष जांच और हत्यारों के साथ-साथ साजिशकर्ताओं की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है।


