सच बोलना पड़ा भारी: दूल्हे की ‘ईमानदारी’ से नाराज हुई दुल्हन, जयमाला स्टेज पर ही तोड़ दी शादी

रुड़की/हरिद्वार | 23 फरवरी, 2026: कहते हैं कि रिश्तों की बुनियाद सच पर टिकी होनी चाहिए, लेकिन कभी-कभी यही सच खुशियों के मंडप को उजाड़ भी देता है। उत्तराखंड के हरिद्वार जिले अंतर्गत रुड़की के खानपुर में एक ऐसी ही हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ दूल्हे की ‘अति-ईमानदारी’ ने उसकी ही शादी तुड़वा दी। जयमाला के समय दूल्हे द्वारा बोला गया एक सच दुल्हन को इतना नागवार गुजरा कि उसने सात फेरे लेने से साफ इनकार कर दिया।

जयमाला स्टेज पर हुआ ‘सत्य का सामना’

​खानपुर के एक गांव में बारात धूमधाम से पहुँची थी। चारों तरफ हंसी-खुशी का माहौल था और मेहमान लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठा रहे थे। इसी बीच जयमाला के लिए दूल्हा और दुल्हन स्टेज पर पहुँचे। रस्मों के बीच दोनों को चंद मिनट बातचीत करने का एकांत मिला, जहाँ दूल्हे ने एक बड़ा खुलासा कर दिया:

  • हादसे का जिक्र: दूल्हे ने पूरी ईमानदारी दिखाते हुए अपनी होने वाली पत्नी को बताया कि हाल ही में उसका एक सड़क हादसा हुआ था।
  • शारीरिक और आर्थिक स्थिति: दूल्हे ने साफ कहा कि इस चोट के कारण वह भविष्य में अधिक मेहनत वाला काम या नौकरी नहीं कर पाएगा, जिससे परिवार को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
  • दुल्हन का फैसला: दूल्हे की यह बात सुनते ही दुल्हन के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने उसी वक्त वरमाला करने और शादी के मंडप में जाने से इनकार कर दिया।

खाने की प्लेटें छोड़ स्टेज की ओर दौड़े मेहमान

​दुल्हन के इनकार करते ही शादी समारोह का माहौल अचानक बदल गया। जो मेहमान खाने की मेज पर थे, वे शोर सुनकर जयमाला स्टेज की ओर दौड़ पड़े।

  1. परिजनों की नाराजगी: दुल्हन पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि लड़के वालों ने युवक की शारीरिक अक्षमता और हादसे की बात छिपाई थी।
  2. हाई वोल्टेज ड्रामा: स्टेज पर ही दोनों पक्षों के बीच घंटों बहस और हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
  3. सन्नाटे में बदली खुशियाँ: कुछ देर पहले तक जहाँ बैंड-बाजे की गूँज थी, वहाँ अब सन्नाटा और मायूसी पसर गई।

पुलिस की मौजूदगी में हुआ समझौता: बिना दुल्हन लौटी बारात

​मामला बढ़ता देख खानपुर थाना पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुँची पुलिस ने दोनों परिवारों को शांत कराया।

  • आपसी सहमति: काफी मान-मनौव्वल के बाद भी जब दुल्हन शादी के लिए तैयार नहीं हुई, तो दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से बिना किसी कानूनी कार्रवाई के रिश्ता खत्म करने का फैसला किया।
  • बिना शिकायत विदाई: खानपुर थानाध्यक्ष के अनुसार, किसी भी पक्ष ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। बारात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई।

द वॉयस ऑफ बिहार का विश्लेषण: यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। क्या दूल्हे को यह सच शादी से पहले ही बता देना चाहिए था? जहाँ कुछ लोग दूल्हे की ईमानदारी की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ का मानना है कि उसने सही समय पर बात नहीं रखी। फिलहाल, पूरे इलाके में इस ‘ईमानदार दूल्हे’ और ‘दृढ़निश्चयी दुल्हन’ की चर्चा हो रही है।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

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