
भागलपुर/सबौर: बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के निर्देश पर सोमवार को सबौर प्रखंड मुख्यालय में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राजद नेताओं, कार्यकर्ताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। धरना कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार की नीतियों, बढ़ती महंगाई, बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं और गरीबों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर आवाज उठाई गई।
धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष सुमंत यादव ने की। इस दौरान मंच से कई नेताओं ने राज्य सरकार की कार्यशैली और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठाए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता की समस्याओं के समाधान में विफल साबित हो रही है और गरीब, किसान, मजदूर तथा वंचित वर्ग लगातार परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए नाथनगर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी रह चुके जड़ हसन ने उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आम लोगों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार इन मुद्दों के समाधान के बजाय केवल दावों और घोषणाओं तक सीमित होकर रह गई है।
उन्होंने कहा कि महंगाई ने आम परिवारों की आर्थिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। रसोई से लेकर रोजमर्रा की जरूरतों तक हर चीज की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसका सबसे अधिक असर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण पाने में पूरी तरह असफल रही है।
जड़ हसन ने कहा कि आज स्थिति ऐसी हो गई है कि गरीब परिवारों के लिए दो समय का भोजन जुटाना भी कठिन होता जा रहा है। खाद्य सामग्री की कीमतों में लगातार वृद्धि होने के कारण आम लोगों का बजट बिगड़ चुका है। उन्होंने कहा कि जिन वस्तुओं को कभी सामान्य परिवार आसानी से खरीद लेते थे, वे अब उनकी पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ पीड़ितों को पर्याप्त सहायता नहीं मिल रही है और राहत कार्यों में गंभीर अनियमितताएं देखने को मिल रही हैं। उनके अनुसार राज्य के कई क्षेत्रों में बाढ़ से प्रभावित परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
राजद नेता ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सरकार का दायित्व होता है कि वह प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री और आवश्यक सहायता समय पर पहुंचाए, लेकिन कई स्थानों पर लोगों को अपेक्षित मदद नहीं मिल रही है। उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता करार देते हुए सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। नेताओं का कहना था कि राज्य के युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध नहीं हो रहे हैं, जिससे उनमें निराशा का माहौल है।
कार्यक्रम में मौजूद कई वक्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता को अपनी बात रखने और सरकार की नीतियों का विरोध करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि राजद जनहित के मुद्दों को लगातार उठाता रहेगा और जनता की आवाज को बुलंद करने का काम करता रहेगा।
धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। पार्टी नेताओं ने कहा कि वे लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में जनता सरकार की नीतियों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने संगठन की मजबूती और आगामी राजनीतिक गतिविधियों पर भी चर्चा की। कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझने का आह्वान किया गया।
धरना कार्यक्रम में राजद नेता सौरभ यादव, पर्यवेक्षक अख्तर चांद, धनेश्वर मंडल, शिशुपाल भारती, नूर हसन फरीदी, रिंकू सरपंच, भोपाली यादव, अरविंद यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न पंचायतों के पंचायत अध्यक्ष, स्थानीय जनप्रतिनिधि और समर्थकों ने भी कार्यक्रम में भागीदारी निभाई।
सभा में उपस्थित नेताओं ने कहा कि जनता के मुद्दों को लेकर पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने दावा किया कि महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति जैसे विषय आने वाले दिनों में राजनीतिक विमर्श के केंद्र में रहेंगे।
कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने एकजुट होकर जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। धरना शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने तथा जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाने का भरोसा दिलाया।
सबौर प्रखंड मुख्यालय में आयोजित यह एकदिवसीय धरना प्रदर्शन स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बना रहा। राजद नेताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों और सरकार पर लगाए गए आरोपों को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर सियासी बयानबाजी और गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।


