
बजट में शहद उत्पादन, ब्रांडिंग और मार्केटिंग को मिला बड़ा सहारा
भागलपुर।अब भागलपुर के सबौर और बिहपुर सिर्फ खेती के लिए नहीं, बल्कि शहद उत्पादन के बड़े केंद्र के रूप में भी पहचान बनाएंगे। बिहार बजट में शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार ने शहद की प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन को मजबूत करने के लिए
बिहार राज्य शहद प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी संघ लिमिटेड का गठन किया है। यह संस्था अब किसानों और मधुमक्खी पालकों को सीधे बाजार से जोड़ने का काम करेगी।
प्रखंड स्तर पर बनी प्राथमिक समितियां
शहद उत्पादन और विपणन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए प्रखंड स्तर पर प्राथमिक सहकारी समितियां बनाई गई हैं। इन समितियों के जरिए मधुमक्खी पालकों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और मार्केट सपोर्ट मिलेगा।
सबौर–बिहपुर की पहचान होगी मजबूत
भागलपुर जिले के सबौर और बिहपुर पहले से ही शहद उत्पादन के लिए जाने जाते हैं। यहां बड़े पैमाने पर मधुमक्खी पालन होता है। अब सरकारी सहयोग मिलने से यहां का शहद देश-विदेश के बाजारों तक पहुंच सकेगा।
ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार
इस योजना से न सिर्फ शहद उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण युवाओं और किसानों को स्थायी आय और रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। प्रोसेसिंग यूनिट, पैकेजिंग और सप्लाई चेन के जरिए स्थानीय स्तर पर कई नए काम पैदा होंगे।
बजट का यह कदम भागलपुर को बिहार का ‘हनी हब’ बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी और जिले को नई पहचान मिलेगी।


