HIGHLIGHTS:
- बड़ी कामयाबी: कर्मनाशा स्टेशन की लूप लाइन से चोरी हुआ ₹3 लाख का रेल इंफ्रास्ट्रक्चर बरामद।
- शातिर चोर: तालाब को बनाया था ‘तिजोरी’, पानी के अंदर से निकाला गया चोरी का सामान।
- ज्वाइंट रेड: RPF और CIB की टीम ने नरमा गांव में घेराबंदी कर अपराधियों को दबोचा।
तालाब से निकला रेलवे का ‘खजाना’: पुलिस की घेराबंदी में फंसे चोर
सासाराम: रोहतास जिले के सासाराम में आरपीएफ को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शातिर चोरों ने रेलवे का पूरा का पूरा ब्रिज कंपोनेंट ही गायब कर दिया था, जिसे अब पुलिस ने बरामद कर लिया है। करीब दो महीने पहले कर्मनाशा स्टेशन से हुई इस हाई-प्रोफाइल चोरी ने रेलवे सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए थे। लेकिन आरपीएफ और सीआईबी (CIB) की संयुक्त टीम ने हार नहीं मानी और गुप्त सूचना के आधार पर नरमा गांव के पास एक तालाब के किनारे ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ कर दी।
[तालाब बना था छिपाने का अड्डा: ऐसे हुआ खुलासा]
पुलिस को भनक लगी थी कि चोरों ने चोरी किए गए लोहे और ब्रिज के हिस्सों को नरमा गांव के पास एक तालाब के अंदर पानी में छिपा रखा है।
- रंगे हाथों पकड़े गए: जैसे ही आरोपी तालाब से सामान निकालने पहुँचे, पहले से घात लगाकर बैठी पुलिस टीम ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया।
- कबूलनामा: पकड़े गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने ही कर्मनाशा स्टेशन की लूप लाइन पर खड़ी TRM रेक से करीब ₹3 लाख का सामान पार किया था।
2 महीने पहले की वो वारदात: लूप लाइन पर लगी थी सेंध
यह मामला करीब दो महीने पुराना है। कर्मनाशा स्टेशन की लूप लाइन पर मरम्मत के काम आने वाली TRM रेक खड़ी थी। चोरों ने अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से ब्रिज के महत्वपूर्ण कलपुर्जे और कीमती लोहे के हिस्से गायब कर दिए थे। रेलवे ने तब अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था, लेकिन आरोपियों का सुराग नहीं मिल पा रहा था।
[गिरफ्तारी और बरामदगी का ब्यौरा]
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विवरण |
जानकारी |
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बरामद सामान |
रेलवे ब्रिज के कलपुर्जे (Component) |
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अनुमानित कीमत |
लगभग ₹3,00,000 |
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छापामारी टीम |
RPF और CIB की संयुक्त टीम |
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स्थान |
नरमा गांव (तालाब के पास), सासाराम |
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आरोपी |
03 गिरफ्तार (पूछताछ जारी) |
न्यायिक हिरासत: अब सलाखों के पीछे कटेंगे दिन
आरपीएफ ने चोरी का सारा सामान जब्त कर लिया है और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर तीनों आरोपियों को न्यायालय भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार किसी बड़े कबाड़ माफिया से जुड़े हैं जो रेल की संपत्ति को औने-पौने दामों में खरीदता है।
VOB का नजरिया: पटरियों पर ‘सेंध’ और सुरक्षा पर सवाल!
रेलवे स्टेशन की लूप लाइन से ₹3 लाख का सामान गायब हो जाना और उसे तालाब में छिपाकर रखना यह बताता है कि चोर कितने शातिर और निडर हो गए हैं। हालांकि, आरपीएफ और सीआईबी की यह कार्रवाई काबिले तारीफ है, लेकिन सवाल यह है कि संवेदनशील लूप लाइनों पर खड़ी रेकों की सुरक्षा में चूक कैसे हुई? अगर समय रहते गश्त बढ़ाई गई होती, तो शायद यह चोरी ही न होती।


