आरपीएफ, ईस्टर्न रेलवे ने “ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते” के तहत 11 बच्चों को किया रेस्क्यू

रेलवे सुरक्षा बल (RPF), ईस्टर्न रेलवे ने बच्चों की सुरक्षा और कल्याण के लिए चलाए जा रहे राष्ट्रीय अभियान “ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते” के तहत बड़ी सफलता हासिल की है।

10.09.2025 को ईस्टर्न रेलवे के आसनसोल, मालदा और हावड़ा मंडलों की आरपीएफ टीमों ने विभिन्न स्टेशनों — आसनसोल, दुमका, बरहरवा, शक्तिगढ़ और हावड़ा से कुल 11 बच्चों (05 लड़के और 06 लड़कियाँ) को रेस्क्यू किया। सभी बच्चों को तत्काल चाइल्डलाइन अधिकारियों के सुपुर्द कर परामर्श एवं पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कराई गई।

रेस्क्यू किए गए बच्चों का विवरण

  • आसनसोल स्टेशन पर एक लड़का बिना किसी उद्देश्य के घूमता मिला।
  • दुमका और बरहरवा से दो लड़के और तीन लड़कियाँ मिलीं, जो पारिवारिक विवाद के कारण घर से भागी थीं।
  • शक्तिगढ़ स्टेशन पर दो लड़के और तीन लड़कियाँ मिले, जिन्हें उनकी माँ ने बैंची से शक्तिगढ़ भेजा था, लेकिन माँ समय पर पहुँच नहीं पाई और बच्चे अकेले रह गए।

समय पर हस्तक्षेप से बची बड़ी घटना

आरपीएफ के समय रहते उठाए गए कदम ने इन बच्चों को संभावित खतरों से बचाया, जिनमें तस्करी और शोषण जैसी आशंकाएँ भी शामिल थीं।

ईस्टर्न रेलवे का संकल्प

ईस्टर्न रेलवे ने दोहराया कि वह बच्चों की सुरक्षा और उनके कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। “ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते” के जरिए आरपीएफ लगातार ऐसे बच्चों की खोज और बचाव कर उन्हें सुरक्षित वातावरण में पहुँचाने का काम कर रही है।


 

  • ये भी पढ़े..

    कटिहार रेलवे स्टेशन पर बवाल: राजधानी एक्सप्रेस के आगे ट्रैक पर उतरे परीक्षार्थी, सरकार और रेलवे के खिलाफ नारेबाजी

    Share Add as a preferred…

    विक्रमशिला पुल पर मालवाहक वाहनों के वायरल वीडियो में जांच के बाद पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

    Share Add as a preferred…