खबर के मुख्य बिंदु:
- बड़ी कामयाबी: रोहतास पुलिस ने दिल्ली (गुड़गांव) से ठगी के मास्टरमाइंड रौशन कुमार कश्यप को दबोचा।
- हथकंडा: myadapool.net और TCL आडा जैसी फर्जी वेबसाइट्स के जरिए करता था निवेश।
- झांसा: हर महीने 10% फिक्स्ड मुनाफा और पैसा डूबने पर जमीन देने का झूठा वादा।
- नेटवर्क: सेमिनार और नेटवर्किंग के जरिए सासाराम के दर्जनों लोगों से की 2 करोड़ से ज्यादा की ठगी।
सासाराम: रोहतास जिले में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये डकारने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। सासाराम का रहने वाला और दिल्ली में छिपकर ‘सफेदपोश’ ठग की जिंदगी जी रहा रौशन कुमार कश्यप आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। रोहतास पुलिस की एक विशेष टीम ने तकनीकी इनपुट के आधार पर गुड़गांव स्थित उसके आलीशान फ्लैट में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया। रौशन पर आरोप है कि उसने ‘नेटवर्किंग’ के मायाजाल में फंसाकर सासाराम के मध्यमवर्गीय परिवारों की जमापूंजी लूट ली।
कैसे बुना गया ठगी का ‘मकड़जाल’? (Modus Operandi)
रौशन कश्यप और उसकी टीम ने लोगों को ठगने के लिए बाकायदा एक प्रोफेशनल सिस्टम तैयार किया था:
- डिजिटल प्लेटफॉर्म: myadapool.net और TCL आडा नाम से ऑनलाइन पोर्टल बनाए गए, जहाँ निवेशकों को अपना ‘पोर्टफोलियो’ दिखता था।
- सेमिनार का सहारा: आरोपी सासाराम और आसपास के शहरों के महंगे होटलों में सेमिनार आयोजित करता था, जहाँ सूट-बूट पहनकर ‘आर्थिक आजादी’ का लेक्चर दिया जाता था।
- पूँजी की गारंटी: लोगों का भरोसा जीतने के लिए वह स्टाम्प पेपर पर लिख कर देता था कि अगर निवेश डूबा, तो वह बदले में अपनी जमीन या पूरी पूँजी वापस करेगा।
2 करोड़ का ‘चूना’ और पुलिस की रेड
पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी के पुख्ता सबूत मिले हैं। जब कंपनी ने रिटर्न देना बंद कर दिया और वेबसाइट्स बंद हो गईं, तब निवेशकों को अपनी गलती का अहसास हुआ।
- फरारी: मामला दर्ज होते ही रौशन सासाराम छोड़कर दिल्ली भाग गया और वहां छिपकर रहने लगा।
- तकनीकी सर्विलांस: रोहतास पुलिस ने उसके मोबाइल लोकेशन और डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा किया।
- गुड़गांव में गिरफ्तारी: शनिवार को रोहतास पुलिस ने गुड़गांव स्थित उसके फ्लैट पर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर सासाराम लाया गया।
सावधानी ही सुरक्षा है: पुलिस की अपील
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब रौशन के बैंक खातों और इस सिंडिकेट में शामिल अन्य ‘बड़े नामों’ की तलाश कर रही है। पुलिस ने आम जनता के लिए एडवाइजरी जारी की है:
- किसी भी ऐसी स्कीम में पैसा न लगाएं जो बैंक से ज्यादा रिटर्न (जैसे 10% प्रति माह) का वादा करे।
- अनाधिकृत वेबसाइट्स पर अपनी बैंकिंग डिटेल्स साझा न करें।
- निवेश से पहले कंपनी का ‘RBI’ या ‘SEBI’ रजिस्ट्रेशन जरूर चेक करें।
VOB का नजरिया: लालच में न गंवाएं मेहनत की कमाई
बिहार के छोटे शहरों में आजकल ‘नेटवर्किंग’ और ‘क्रिप्टो’ के नाम पर ठगी के मामले तेजी से बढ़े हैं। सासाराम की यह घटना दिखाती है कि कैसे ठग ‘पूँजी की गारंटी’ का झूठा भरोसा देकर लोगों की इमोशनल और आर्थिक स्थिति से खेलते हैं। रौशन कश्यप की गिरफ्तारी एक बड़ा कदम है, लेकिन जब तक लोग ‘शॉर्टकट’ से अमीर बनने का सपना नहीं छोड़ेंगे, तब तक ऐसे रौशन कश्यप पैदा होते रहेंगे।


