‘पलटीबाजी के धुरंधर चाचा जी…’ रोहिणी आचार्य का नीतीश कुमार पर तीखा तंज, इस्तीफे के बाद बढ़ी सियासी गर्मी

पटना/नेशनल डेस्क: बिहार की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के साथ बयानबाजी भी चरम पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पर अब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) खेमे की ओर से तीखे हमले शुरू हो गए हैं।

इसी कड़ी में ने सोशल मीडिया पर नीतीश कुमार को लेकर बेहद तीखा और व्यंग्यात्मक बयान दिया है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।

‘पलटीबाजी के धुरंधर चाचा जी’

रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए लिखा कि:

“आखिरकार हो ही गया पल्टीबाजी के धुरंधर हमारे चाचा जी का इस्तीफा… बनने चले थे सियासत के खलीफा…”

उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने मजबूरी में खुद ही अपनी राजनीतिक पारी का अंत कर दिया।

‘साथ दिखने वाले ही घात लगाए बैठे थे’

रोहिणी ने अपने बयान में यह भी दावा किया कि:

  • नीतीश कुमार के साथ कोई सच्चे दिल से नहीं था
  • जो साथ दिख रहे थे, वही उनके खिलाफ थे
  • उनकी ‘ऊंची उड़ान’ के सपने टूट गए

उनका यह बयान सीधे तौर पर जदयू और एनडीए के अंदरूनी समीकरणों पर सवाल खड़ा करता है।

इस्तीफे के बाद तेज हुई राजनीति

बता दें कि ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है, जिसके बाद बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

  • एनडीए की बैठकें लगातार जारी
  • नए नेता के चयन की प्रक्रिया पूरी
  • 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण की रूपरेखा

इस पूरे घटनाक्रम ने बिहार की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है।

राजद का आक्रामक रुख

रोहिणी आचार्य का बयान यह दिखाता है कि राजद इस राजनीतिक बदलाव को लेकर पूरी तरह आक्रामक रणनीति अपना रहा है।

राजद लगातार यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि:

  • नीतीश कुमार का फैसला मजबूरी था
  • भाजपा ने राजनीतिक नियंत्रण हासिल कर लिया है
  • गठबंधन की राजनीति में विश्वास की कमी रही

सियासी बयानबाजी से गरमाया माहौल

नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद सिर्फ सत्ता ही नहीं बदली, बल्कि बयानबाजी का स्तर भी तेज हो गया है।

  • एक तरफ एनडीए नई सरकार बनाने में जुटा
  • दूसरी तरफ विपक्ष हमलावर
  • सोशल मीडिया पर भी राजनीतिक जंग तेज

आगे क्या?

अब नजर इस बात पर है कि नई सरकार बनने के बाद:

  • विपक्ष किस तरह मुद्दे उठाता है
  • सरकार अपनी प्राथमिकताएं कैसे तय करती है
  • और क्या यह सियासी टकराव आगे और बढ़ेगा

रोहिणी आचार्य का बयान सिर्फ एक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि बिहार की बदलती राजनीति का संकेत है। सत्ता परिवर्तन के साथ अब राजनीतिक वार-पलटवार का दौर तेज हो चुका है।

आने वाले दिनों में यह सियासी संग्राम और भी तीखा होने की पूरी संभावना है।

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