नाबार्ड की मदद से बनी सड़कों और पुलों ने बदल दी बिहार के गांवों की तस्वीर

2025 सड़कों और 1236 पुलों का निर्माण 75% से अधिक पूरा; ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार

पटना, 23 सितंबर 2025:राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से बिहार में ग्रामीण सड़कों और पुलों के निर्माण का कार्य अपने अंतिम चरण में है। राज्य योजना के तहत कुल 2025 ग्रामीण सड़कें और 1236 पुल बनाने का लक्ष्य रखा गया था, जिनमें से अब तक 4825.094 किलोमीटर सड़कों और 917 पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष निर्माण कार्य कुछ महीनों में पूरा कर लिया जाएगा।


प्रमुख जिलों में निर्माण की प्रगति

  • नालंदा: 214 सड़कों में से 199 तैयार, कुल 370 किलोमीटर से अधिक सड़कें बन चुकी हैं; 67 पुलों में से 59 पुल बनकर तैयार।
  • गया: 129 सड़कों में से 120 तैयार, 395.245 किलोमीटर लंबाई में से 365.782 किलोमीटर सड़क बन चुकी; 57 पुलों में से 46 पुल बनकर तैयार।
  • पटना: 167 सड़कों में से 157 तैयार, 363.767 किमी में से 329.708 किमी सड़क बन चुकी; 54 पुलों में से 46 पुल बन चुके।
  • अन्य जिले:
    • औरंगाबाद: 244.856 किमी
    • दरभंगा: 235.74 किमी
    • पूर्वी चंपारण: 231.872 किमी
    • मुंगेर: 202.814 किमी
    • रोहतास: 176.462 किमी
    • जहानाबाद: 169.606 किमी
    • सीतामढ़ी: 151.376 किमी
    • मुजफ्फरपुर: 140.702 किमी

जमुई, मधुबनी, समस्तीपुर, गोपालगंज, किशनगंज और नवादा में भी निर्माण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है।


ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार

इन सड़कों और पुलों के निर्माण से गांवों की तस्वीर बदल गई है। सुदूर इलाकों से शहरों तक का समय और दूरी कम हुई है। इससे कृषि, व्यापार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। सरकार इस योजना पर कुल 5,989.85 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

ग्रामीण कार्य विभाग ने बताया कि नाबार्ड के सहयोग से बनी ये सड़कें न केवल सुविधाजनक आवागमन प्रदान कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण विकास और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा दे रही हैं।


 

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