नई दिल्ली/पटना | 01 मार्च, 2026: अगर आप भी हाईवे पर सफर करते समय चिल्लर या नकद पैसे (Cash) साथ रखने के आदी हैं, तो अपनी आदत बदल लीजिए। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक बड़ा नीतिगत फैसला लेते हुए घोषणा की है कि 1 अप्रैल, 2026 से देश के सभी टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन की व्यवस्था पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी। अब आपकी गाड़ी का कांटा तभी ऊपर उठेगा जब आपके पास डिजिटल वॉलेट का पावर होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
NHAI के अनुसार, टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों और नकद लेनदेन में लगने वाले समय को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
- समय की बचत: डिजिटल भुगतान से प्रति वाहन प्रोसेसिंग समय महज कुछ सेकंड रह जाएगा।
- पारदर्शिता: शत-प्रतिशत डिजिटल संग्रह से राजस्व में पारदर्शिता बढ़ेगी।
- तैयारी के निर्देश: सभी टोल प्लाजा प्रबंधनों को पत्र लिखकर नई व्यवस्था के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का आदेश दे दिया गया है।
कैसे होगा भुगतान? अब क्या हैं विकल्प?
1 अप्रैल के बाद टोल बैरियर पार करने के लिए आपके पास केवल दो ही रास्ते होंगे:
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- FASTag: यह सबसे प्राथमिक माध्यम रहेगा। आपकी गाड़ी के विंडस्क्रीन पर लगे टैग से पैसा ऑटोमेटिक कट जाएगा।
- UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस): जिन वाहनों के पास किसी कारणवश फास्टैग काम नहीं कर रहा, उनके लिए यूपीआई के जरिए डिजिटल भुगतान का विकल्प भी मौजूद रहेगा।
चेतावनी: बिना FASTag या बिना बैलेंस वाली गाड़ियों को अब टोल पार करने में भारी मशक्कत करनी पड़ सकती है और नियमों के अनुसार दोगुना जुर्माना भी डिजिटल माध्यम से ही देना होगा।
VOB का नजरिया: डिजिटल सफर की ओर एक और कदम
NHAI का यह फैसला ‘डिजिटल इंडिया’ की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों या बुजुर्ग चालकों के लिए शुरुआत में यह थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन लंबी कतारों से मुक्ति और ईंधन की बचत इस परेशानी को छोटा साबित करेगी। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ की सलाह है कि मार्च के महीने में ही अपना FASTag रिचार्ज चेक कर लें और सुनिश्चित करें कि वह एक्टिव है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


