बिहार में सड़क विकास को रफ्तार, बरबीघा–पंजवारा एनएच-333ए बनेगा फोर लेन

बिहार में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में बरबीघा–पंजवारा राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-333ए) को फोर लेन में तब्दील करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

एनएच-333ए के फोर लेन बनने से शेखपुरा, जमुई और बांका जिलों से होकर झारखंड की ओर जाने वाले यात्रियों को बेहतर और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। यह मार्ग बरबीघा से शेखपुरा, जमुई और बांका होते हुए पंजवारा तक जाएगा और आगे चलकर भागलपुर से हंसडीहा जाने वाले एनएच-131ई से भी जुड़ेगा।

190 किलोमीटर सड़क को किया जाएगा फोर लेन

जानकारी के अनुसार, एनएच-333ए की कुल लंबाई लगभग 190 किलोमीटर है, जिसे फोर लेन में विकसित किया जाना है। शहरी क्षेत्रों में सड़क की चौड़ाई 25 मीटर जबकि खुले इलाकों में 40 मीटर तक होगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बरबीघा से बांका के पंजवारा तक इस राष्ट्रीय राजमार्ग को फोर लेन बनाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया है।

शेखपुरा जिले में 33.8 किलोमीटर का दायरा

शेखपुरा जिले में यह सड़क बरबीघा के श्रीकृष्ण चौक के पास से शुरू होकर जिला मुख्यालय से गुजरते हुए चेवाड़ा प्रखंड के सियानी मोड़ तक लगभग 33.8 किलोमीटर लंबी है। इसके बाद यह मार्ग लखीसराय होते हुए जमुई जिले की सीमा में प्रवेश करता है।

भूमि अधिग्रहण का काम तेज

एनएच-333ए को फोर लेन बनाने के लिए भू-अर्जन विभाग ने कार्य शुरू कर दिया है। सड़क किनारे की जमीन चिन्हित की जा चुकी है और रैयतों को मुआवजा देने के लिए कैंप लगाकर भुगतान की प्रक्रिया जारी है। शेखपुरा जिला भू-अर्जन पदाधिकारी के अनुसार, जिले में एनएच-333ए का कुल दायरा 33.08 किलोमीटर है, जिसमें 35 मौजा शामिल हैं। इनमें से 33 मौजा की जमीन चिन्हित कर ली गई है।

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए कुल 94.96 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसके विरुद्ध अब तक 82.72 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की जा चुकी है। इसमें से 56.45 हेक्टेयर भूमि सरकारी है। शेष भूमि के अधिग्रहण के लिए 2991 रैयतों से जमीन लेने हेतु लगभग 72 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।

कई प्रमुख जंक्शन होंगे विकसित

190 किलोमीटर लंबी इस फोर लेन सड़क पर चेवाड़ा, सिकंदरा, जमुई, मल्लेहपुर, गिद्धौर, झाझा, भैरोगंज, रजवारा, कटोरिया, ककबारा और बांका में प्रमुख जंक्शन प्वाइंट बनाए जाएंगे। इन जंक्शनों के विकसित होने से स्थानीय आवागमन के साथ-साथ व्यापार और परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।

यह परियोजना न सिर्फ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी, बल्कि रोजगार, व्यापार और औद्योगिक विकास के नए अवसर भी पैदा करेगी।


 

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