बिहार में विधानसभा चुनाव का माहौल अब पूरी तरह गर्म हो चुका है। राज्य में दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। पहले चरण में 121 सीटों पर, जबकि दूसरे चरण में 122 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। चुनाव परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
नामांकन की तिथियाँ और प्रक्रिया
पहले चरण के नामांकन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर तय की गई है और नामांकन की प्रक्रिया फिलहाल जारी है। वहीं दूसरे चरण के लिए नामांकन 20 अक्टूबर तक चलेंगे और नाम वापसी की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर रखी गई है। राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशी तय करने और सीट शेयरिंग की घोषणाएं तेज़ कर दी हैं।
RLJP और AIMIM का गठबंधन
16 अक्टूबर को राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने बड़ी घोषणा की।
उन्होंने बताया कि RLJP इस बार बिहार की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और पार्टी का AIMIM (असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी) के साथ गठबंधन हो चुका है। दोनों दलों के बीच सीटों का समन्वय तय कर लिया गया है और उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पारस ने कहा
“बिहार की जनता अब एक नए विकल्प की तलाश में है। RLJP-AIMIM का गठबंधन राज्य की राजनीति को नई दिशा देगा। यह गठबंधन उन लोगों के लिए है जो भ्रष्टाचार और परिवारवाद से तंग आ चुके हैं।”
महागठबंधन से नहीं बनी बात
राजनीतिक हलकों में पहले चर्चा थी कि RLJP महागठबंधन में शामिल हो सकती है, लेकिन सीट शेयरिंग और नेतृत्व के मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई। इसी वजह से पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया और बाद में AIMIM के साथ गठबंधन कर लिया।
RLJP को बड़ा झटका
इस बीच, पार्टी को 15 अक्टूबर को एक बड़ा झटका लगा।
राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी के केंद्रीय संसदीय बोर्ड अध्यक्ष और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह ने अपने पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।
उन्होंने आरोप लगाया
“पार्टी अपने संस्थापक रामविलास पासवान की नीतियों से भटक गई है। संगठन में अब कोई आंतरिक लोकतंत्र नहीं बचा है।”


