राजद विधायक मुन्ना यादव का विवादित बयान: “सवर्णों की बिहार में कोई औकात नहीं”

“मिश्रा, सिंह, झा और शर्मा की बिहार में कोई औकात नहीं है। सभी बैकफुट पर हैं और वहीं रहेंगे”

मुजफ्फरपुर, 20 जुलाई 2025।राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के मीनापुर विधायक मुन्ना यादव एक बार फिर विवादों में हैं। उन्होंने सवर्ण समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए कहा कि “मिश्रा, सिंह, झा और शर्मा की बिहार में कोई औकात नहीं है। सभी बैकफुट पर हैं और वहीं रहेंगे।” इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है।


विधायक ने क्या कहा?

मुन्ना यादव ने अपने भाषण में कहा –

अब मिश्रा, सिंह, झा और शर्मा का कोई गुजारा नहीं है। ये लोग बैकफुट पर हैं। क्या ये फिर से जगन्नाथ मिश्रा की सरकार चाहते हैं? ऐसा कभी नहीं होगा।

लालू यादव ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि अब बिहार की गद्दी पर बहुजन ही बैठेगा। अगर किसी की औकात है तो मुट्ठी भर सवर्णों को आगे कर चुनाव लड़वा कर दिखाएं, उनकी मिट्टी पलीद हो जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा –

बहुजन में कौन होगा, ये पता नहीं, लेकिन राज करेगा तो बहुजन ही करेगा। मिश्रा, सिंह, झा, शर्मा फ्रंटफुट पर नहीं आ सकते।


प्रशांत किशोर पर भी हमला

मुन्ना यादव ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर पर भी निशाना साधा।

प्रशांत किशोर आयं-बायं करते रहते हैं। हमारे नेता तेजस्वी यादव को नौवीं फेल कहते हैं। वो चाहते हैं कि फिर से सवर्णों की सरकार बने, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा।


पार्टी के लिए मुश्किल?

राजद इन दिनों ‘ए टू जेड’ (A to Z) की राजनीति की ओर बढ़ रही है। पार्टी नेतृत्व ने 2025 के विधानसभा चुनाव को सभी जातियों को साथ लेकर लड़ने की रणनीति बनाई है। ऐसे में विधायक मुन्ना यादव के बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इससे राजद को सवर्ण वर्ग में नुकसान हो सकता है।


पुराना विवाद और पृष्ठभूमि

मुन्ना यादव पहले भी विवादों में रहे हैं

  • वे 2015 और 2020 में मीनापुर से राजद विधायक चुने गए।
  • Myneta.info के अनुसार उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें दंगा, मारपीट और अवैध जमावड़ा जैसे आरोप शामिल हैं।
  • राजद शासनकाल में उठाए गए “भूरा बाल साफ करो” (भूमिहार, राजपूत, ब्राह्मण, कायस्थ को हटाओ) अभियान की पृष्ठभूमि में भी इस बयान को देखा जा रहा है।

बयान से पलटे लेकिन रुख कायम

वीडियो वायरल होने के बाद विधायक ने सफाई दी –

मेरे दस वर्षों के विधायक कार्यकाल में मैंने कभी जातीय टिप्पणी नहीं की है। मेरी बातों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।

हालांकि, इस दौरान उन्होंने कहा –

भगवान कृष्ण को माखन चोर कहकर प्रताड़ित किया गया, उसी तरह लालू यादव को चारा चोर कहा गया, लेकिन हम विचलित नहीं होते।


विपक्ष का हमला और विश्लेषकों की राय

विपक्षी दलों ने मुन्ना यादव के बयान को समाज में वैमनस्य फैलाने वाला बताया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान बहुजन वर्ग को एकजुट करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है, लेकिन यह राजद के समावेशी चुनावी संदेश को नुकसान पहुंचा सकता है।

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