भागलपुर। सावन के पवित्र महीने में जहां कांवर यात्रा का उल्लास चरम पर होना चाहिए था, वहीं गंगा के बढ़ते जलस्तर ने माहौल को चिंता में बदल दिया है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र नमामि गंगे घाट को पूरी तरह बंद कर दिया है और वहां से सभी व्यवस्थाएं हटा ली गई हैं।
कांवरियों को अब सीधे घाट जाने की अनुमति नहीं है। उन्हें काली स्थान चौक पर रोककर सीढ़ी घाट की ओर भेजा जा रहा है। हालांकि, सीढ़ी घाट और मंदिर घाट पर बैरिकेडिंग की बदहाल व्यवस्था ने यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है। फिसलन भरी सीढ़ियों और कमजोर बैरिकेडिंग के बीच कांवरिया डरते-सहमते स्नान कर रहे हैं।
सबसे ज्यादा दिक्कत महिला कांवरियों को हो रही है, जिन्हें वस्त्र बदलने के लिए पर्याप्त सुरक्षित जगह नहीं मिल रही। कई महिला श्रद्धालु असुविधा के चलते जल्दी-जल्दी स्नान कर वापस लौट रही हैं।
आज कांवरियों की भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम देखी गई। वहीं, बिजली की आंखमिचौली और श्मशान घाट की जलमग्न सड़क ने वाहनों की आवाजाही को भी प्रभावित किया है, जिससे स्थानीय लोग और यात्री दोनों परेशान हैं।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जलस्तर कम होने के बाद ही नमामि गंगे घाट को दोबारा खोला जाएगा। तब तक सीढ़ी घाट और मंदिर घाट ही स्नान के लिए विकल्प बने रहेंगे।


