नाम, खाता, खेसरा, रकबा, लगान सहित तमाम त्रुटियाँ होंगी दूर; 20 सितंबर तक चलाया जाएगा अभियान
पटना | 31 जुलाई 2025: राज्य सरकार की भूमि सुधार प्रक्रिया को गति देने और आम नागरिकों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से बिहार में ‘राजस्व महा अभियान 2025’ की शुरुआत 16 अगस्त से होने जा रही है। यह अभियान 20 सितंबर 2025 तक चलेगा। इसमें राज्यभर के नागरिकों को जमाबंदी से जुड़े सुधार, उत्तराधिकार और बंटवारा नामांतरण, तथा डिजिटलीकरण की सुविधा घर-घर जाकर उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अभियान का संचालन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा किया जाएगा। विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने इस संबंध में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों एवं जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
जमीन से जुड़े दस्तावेजों की त्रुटियाँ होंगी दुरुस्त
राजस्व महा अभियान के तहत निम्नलिखित सुधार कार्य किए जाएंगे:
- डिजिटाइज्ड जमाबंदी में त्रुटियों का परिमार्जन
- छूटी हुई जमाबंदी को ऑनलाइन करना
- उत्तराधिकार नामांतरण
- बंटवारा नामांतरण
- नाम, खाता, खेसरा, रकबा, लगान जैसी अशुद्धियों का सुधार
- मौखिक बंटवारे के बाद संयुक्त जमाबंदी का पृथक्करण
- ऑफलाइन जमाबंदी को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर लाना
घर-घर जाकर दी जाएगी सेवा, पंचायतों में लगेंगे शिविर
राजस्व विभाग द्वारा गठित टीमें 16 अगस्त से 15 सितंबर के बीच घर-घर जाकर जमाबंदी की प्रति देंगी और सुधार से संबंधित आवेदन हल्का स्तर पर आयोजित शिविरों में लेंगी।
- प्रत्येक पंचायत में सरकारी या अन्य भवनों में शिविर लगाए जाएंगे
- प्रत्येक हल्का में कम से कम दो तिथियों में शिविर, कम-से-कम सात दिनों के अंतराल पर
- नागरिक जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा कर सकेंगे
- विभाग की वेबसाइट https://biharbhumi.bihar.gov.in/ और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी
समयबद्धता और पारदर्शिता का रखा जाएगा विशेष ध्यान
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने कहा कि यह महाअभियान राज्य सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य लाखों रैयतों को लाभ पहुँचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान के हर चरण में समयबद्धता, पारदर्शिता और नागरिक सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
महत्वपूर्ण तिथियाँ | राजस्व महा अभियान 2025
| चरण | तिथि |
|---|---|
| अभियान की शुरुआत | 16 अगस्त 2025 |
| घर-घर जाकर दस्तावेज वितरण व आवेदन संग्रह | 16 अगस्त – 15 सितंबर 2025 |
| अभियान का समापन | 20 सितंबर 2025 |
यह अभियान न केवल बिहार में भूमि सुधारों की गति को बढ़ाएगा, बल्कि आम नागरिकों की भू-संबंधी समस्याओं को सरल और पारदर्शी तरीके से सुलझाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।


